HIGHLIGHTS: सिल्क सिटी से राजधानी तक जश्न; ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ की थीम पर सजा पटना
- ऐतिहासिक लम्हा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में दीप प्रज्ज्वलित कर और गुब्बारे उड़ाकर तीन दिवसीय (22-24 मार्च) बिहार दिवस समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।
- 114 साल का गौरव: बिहार के 114वें स्थापना दिवस पर राज्य की प्रगति का भव्य प्रदर्शन; ‘उन्नत बिहार’ विजन के साथ आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम।
- शिक्षा का ‘स्मार्ट’ अवतार: सीएम ने शिक्षा विभाग के पवेलियन में स्मार्ट क्लास, अटल टिंकरिंग लैब और निपुण कक्ष का बारीकी से जायजा लिया।
- आपदा से सुरक्षा: बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की प्रदर्शनी में आपदा से लड़ने की तैयारियों और योजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन।
- दिग्गजों की मौजूदगी: उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और कैबिनेट के अन्य मंत्रियों की उपस्थिति में टीम बिहार ने दिखाई एकजुटता।
पटना | 22 मार्च, 2026
आज पूरा बिहार अपनी स्थापना के 114 साल पूरे होने का गर्व मना रहा है। पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान ‘मिनी बिहार’ के रूप में जीवंत हो उठा है, जहाँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को भव्य तरीके से बिहार दिवस समारोह 2026 की शुरुआत की। इस वर्ष की थीम ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ रखी गई है, जो न केवल राज्य की गौरवशाली विरासत को संजोती है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बिहार का खाका भी पेश करती है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की टीम इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनी, जहाँ उत्सव के उत्साह में विकास की झलक साफ दिखी।
गांधी मैदान में ‘विकास’ की प्रदर्शनी: आपदा से शिक्षा तक का सफर
समारोह के विधिवत उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
- आपदा प्रबंधन पर फोकस: मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के स्टॉल का जायजा लिया। यहाँ प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और राज्य को बाढ़, सुखाड़ और अन्य आपदाओं से बचाने के लिए चलाए जा रहे ‘डिजिटल’ समाधानों की जानकारी दी।
- भविष्य के वैज्ञानिक: सबसे ज्यादा समय मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के पवेलियन में बिताया। यहाँ उन्होंने विज्ञान प्रयोगशाला, कला कक्ष और व्यावसायिक शिक्षा कक्ष का अवलोकन किया। अटल टिंकरिंग लैब में छोटे बच्चों के नवाचारों को देखकर मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की। साथ ही, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बने संवर्द्धन कक्ष और स्मार्ट क्लास की सुविधाओं को भविष्य की शिक्षा के लिए मील का पत्थर बताया। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री को विभाग की नई पहलों से रूबरू कराया।
सत्ता के दिग्गजों की जुगलबंदी: ‘डबल इंजन’ की धमक
बिहार दिवस के इस गरिमामयी मंच पर बिहार सरकार की पूरी टीम एक साथ नजर आई। मुख्यमंत्री के साथ दोनों उप-मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और श्री विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी ने राज्य की राजनीतिक स्थिरता और विकास के साझा संकल्प का संदेश दिया।
समारोह में ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा सहित कई कैबिनेट मंत्री और वरीय अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने आयोजन की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी।
VOB का नजरिया: 114 साल का संघर्ष और अब ‘उन्नत’ होने की बारी
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि बिहार दिवस केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि सवा सौ साल की उस ‘बिहारी अस्मिता’ का उत्सव है जिसने हर बाधा को पार किया है।
- थीम का संदेश: ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि अब बिहार पिछड़ेपन की बेड़ियाँ तोड़कर ग्लोबल स्टैंडर्ड के शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहा है।
- युवा शक्ति का केंद्र: जिस तरह से प्रदर्शनी में ‘स्मार्ट क्लास’ और ‘निपुण भारत’ मिशन को केंद्र में रखा गया है, उससे साफ है कि सरकार का फोकस ‘ह्यूमन रिसोर्स’ के विकास पर है।
- आमजन की भागीदारी: गांधी मैदान में उमड़ी भीड़ और स्कूली बच्चों का जोश यह बताता है कि बिहार की जनता अब सकारात्मक बदलाव और विकास की राजनीति के साथ खड़ी है।
सुशासन के साथ बढ़ता बिहार
114वें बिहार दिवस पर मुख्यमंत्री का यह दौरा और विकास योजनाओं का प्रदर्शन यह विश्वास दिलाता है कि बिहार अब ‘भविष्य’ के लिए पूरी तरह तैयार है। अगले दो दिनों तक गांधी मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी, जहाँ बिहार के लोक संगीत और कला के साथ-साथ आधुनिक बिहार की गाथा सुनाई जाएगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस गौरवशाली अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता है।


