सनातन धर्म की रक्षा, प्रचार-प्रसार और विप्र समाज को संगठित करने के उद्देश्य से कार्यरत अखिल विप्र कल्याणम एक राष्ट्रव्यापी धर्मार्थ संगठन है, जो विप्र एकता को मजबूत करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनातन विचारधारा की सशक्त आवाज बनने की दिशा में काम कर रहा है।
संगठन का लक्ष्य केवल धार्मिक जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व शांति, सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को भी इसका मूल आधार माना गया है।
विप्र समाज के उत्थान के लिए 12 प्रमुख उद्देश्य
अखिल विप्र कल्याणम द्वारा संस्कृत, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण से लेकर गुरु–शिष्य परंपरा, वैदिक गुरुकुल, गौ रक्षा, शास्त्र अध्ययन और गरीबों की सेवा जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया जा रहा है। संगठन का मानना है कि “आत्मनो मोक्षार्थं जगधिताय च” के सिद्धांत पर चलकर ही समाज का वास्तविक कल्याण संभव है।
‘मकर संक्रांति उत्सव’ में दिखेगा सांस्कृतिक वैभव
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर अखिल विप्र कल्याणम द्वारा “मकर संक्रांति उत्सव” का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पूरे बिहार से विप्र समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया गया है।
इस महोत्सव में—
विप्र मंडली, यज्ञ, मंगलाचरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह, पतंगबाजी और दही-चूड़ा भोज जैसी अनेक पारंपरिक गतिविधियाँ होंगी। कार्यक्रम की थीम है — “संस्कृत, संस्कृति, संस्कार समागम”।
आयोजकों के अनुसार, इस बार 5 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता की संभावना है।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी से बढ़ेगा आयोजन का गौरव
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल एवं जदयू राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा द्वारा किया जाएगा।
इसके अलावा कई मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ राजनीतिक व सामाजिक प्रतिनिधि इस आयोजन में शिरकत करेंगे।
विचारधारा और उद्देश्य
अखिल विप्र कल्याणम का मानना है कि वर्तमान समय में ब्राह्मण और सनातन परंपराओं को लेकर फैल रही नकारात्मक धारणाओं के बीच संस्कार, संस्कृति और शास्त्रों की गरिमा को पुनर्स्थापित करना समय की आवश्यकता है।
संगठन का उद्देश्य मंदिरों को केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का केंद्र बनाना है।
संगठन के प्रमुख सूत्रधार
इस अभियान का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष अवधेश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष आशीष कुमार झा सहित चंद्रांशु मिश्रा, आचार्य विनय चेतन शास्त्री, राजीव उपाध्याय, प्रदीप उपाध्याय, श्रीधर पांडे और अर्चना ठाकुर कर रहे हैं।


