मकर संक्रांति पर 12 किलो की मूली बनी आकर्षण का केंद्र, अनोखी सब्जियों ने खींचा लोगों का ध्यान

सासाराम। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय सासाराम स्थित आदर्श कुशवाहा सब्जी मंडी, भारतीगंज करपुरवा में कदम रखते ही लोगों की आंखें ठहर सी गईं। रंग-बिरंगी, विशाल और अनोखे आकार की सब्जियां किसी भव्य प्रदर्शनी से कम नहीं लग रही थीं। यह कोई साधारण बाजार नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, धैर्य और आधुनिक कृषि तकनीक की जीवंत कहानी कहता किसान मेला था।

12 किलो की मूली ने बटोरी सुर्खियां

मेले में मौजूद भीड़ के बीच सबसे अधिक चर्चा का विषय बनी पूरे 12 किलो वजनी मूली। इसे देखकर लोग हैरान रह गए। बच्चे उत्सुकता से तस्वीरें खिंचवाते नजर आए, वहीं बुजुर्ग किसान मुस्कुराते हुए अपनी फसल की ओर गर्व से इशारा करते दिखे। मूली के साथ-साथ विशाल कुम्हड़े, हरे-भरे धनिए और चमकते टमाटरों ने मेले की रौनक और बढ़ा दी।

मो. सोहेब अंसारी, सासाराम ने कहा—
“पहले भी सब्जियों की प्रदर्शनी देखी है, लेकिन इस बार 12 किलो वजनी मूली सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। ऐसी मूली पहले कभी नहीं देखी, लौकी भी बेहद अद्भुत है।”

लोगों के लिए बना खास आकर्षण

मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह किसान मेला दिनभर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। दूर-दराज से लोग अनोखी और विशाल सब्जियों को देखने पहुंचे। किसानों द्वारा उगाई गई फसलों की गुणवत्ता और आकार देखकर लोग उनकी मेहनत और तकनीकी समझ की सराहना करते नजर आए।

सब्जियों की भव्य प्रदर्शनी

मेले में मूली, कोहड़ा, हरा धनिया, टमाटर सहित कई प्रकार की सब्जियों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। इनमें 12 किलो वजनी मूली सबसे अधिक चर्चा का विषय रही। सब्जियों की असाधारण आकृति और विविधता देखकर लोग आश्चर्यचकित दिखे।

आराधना त्रिवेदी, सासाराम ने कहा—
“इतनी बड़ी मूली पहली बार देखी है। यह अपने आप में अनोखी और हैरान करने वाली है। 12 किलो वजनी मूली के साथ-साथ लंबे-लंबे कद्दू भी काफी आकर्षक हैं।”

आधुनिक खेती का जीवंत उदाहरण

किसान मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और बाजार से सीधे जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। स्थानीय लोगों ने कहा कि एक ही स्थान पर इतनी बड़ी और अनोखी सब्जियों को देखना अपने आप में एक यादगार अनुभव है।

गुणवत्तापूर्ण उत्पादन का संदेश

किसानों का कहना है कि सही कृषि पद्धति, संतुलित खाद, उन्नत बीज और समय पर सिंचाई से बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन संभव है। यह किसान मेला न केवल कृषि नवाचार का प्रतीक बना, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किसानों के सशक्त कदमों को भी मजबूती से दर्शाता है।


 

  • Related Posts

    पूर्णिया में 24 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस ने पकड़े तीन आरोपियों को

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    नवादा में लावारिस कुत्तों के लिए फीडिंग प्वाइंट, सुरक्षा और टीकाकरण का अभियान शुरू

    Share Add as a preferred…

    Continue reading