मुजफ्फरपुर। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिहार की लड़कियों को लेकर कथित आपत्तिजनक बयान देने के मामले में मुजफ्फरपुर कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह मामला एडीजे प्रथम की अदालत में दायर परिवाद से जुड़ा है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए नोटिस जारी किया है।
सुधीर ओझा की याचिका पर कार्रवाई
यह परिवाद वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा द्वारा दायर किया गया है, जिसमें गिरधारी लाल साहू को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। परिवाद में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 192, 298, 352, 351, 328, 52, 95, 86, 74 और 75 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर बयान का आरोप
परिवादी के अनुसार यह मामला कांटी थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव से संबंधित है। आरोप है कि 2 और 3 जनवरी 2026 को गिरधारी लाल साहू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो/बयान प्रसारित किया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि बिहार में 20–25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं।
26 फरवरी को अगली सुनवाई
अदालत ने नोटिस जारी कर मंत्री पति से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। परिवादी सुधीर कुमार ओझा ने कहा कि यदि नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो अदालत एकतरफा कार्रवाई कर सकती है।
सुधीर कुमार ओझा ने कहा,
“यह बयान बिहार की बेटियों का घोर अपमान है। इससे पूरे स्त्री समाज की गरिमा को ठेस पहुंची है और राज्य की छवि धूमिल हुई है। आम लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।”
क्या कहा था गिरधारी लाल साहू ने
आरोप है कि एक कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ता से शादी को लेकर बात करते हुए गिरधारी लाल साहू ने कहा था,
“शादी नहीं हुई है तुम्हारी? अब तक तीन-चार बच्चे हो गए होते। तुम्हारे लिए हम बिहार से लड़की ले आते। बिहार में 20–25 हजार में मिल जाती है। मेरे साथ आओ, शादी करवा देते हैं।”
विवाद के बाद मांगी माफी
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद गिरधारी लाल साहू ने सफाई देते हुए माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने मजाकिया अंदाज में बात कही थी और विरोधियों ने इसे गलत तरीके से पेश किया। साथ ही कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।


