पटना, 16 जुलाई 2025: बिहार में सुपारी लेकर हत्या करने वाले अपराधियों के नेटवर्क पर अब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की नजर है। राज्यभर के सुपारी किलरों का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया और अधिक तेज हो सके।
एसटीएफ ने इसके लिए विशेष ‘सुपारी किलर निगरानी सेल’ का गठन किया है, जो हर सुपारी किलर की तस्वीर, नाम, पता, अपराधिक पृष्ठभूमि सहित पूरा डोजियर तैयार करेगा। यह जानकारी एडीजी (मुख्यालय) सह एसटीएफ प्रमुख कुंदन कृष्णन ने बुधवार को दी।
क्यों बनाई गई सुपारी किलर निगरानी सेल?
“कई युवा पैसे के लालच में पथभ्रष्ट होकर सुपारी किलर बनते जा रहे हैं। इन्हें रोकने और अपराधियों की शीघ्र पहचान के लिए निगरानी सेल आवश्यक है।”
— कुंदन कृष्णन, एडीजी मुख्यालय
यह सेल सुपारी हत्याकांडों की पृष्ठभूमि से जुड़े गिरोहों और नए अपराधियों को ट्रैक करने का कार्य करेगी। इसी तर्ज पर कोढ़ा गैंग और बेगूसराय के तिवारी गिरोह पर विशेष निगरानी रखने के लिए भी सेल गठित किया गया है।
नक्सलियों पर भी कसा गया शिकंजा: 82 गिरफ्तार
राज्य में नक्सल गतिविधियों पर भी पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। जनवरी से जून 2025 के बीच STF ने 82 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।
- गया, औरंगाबाद, मुंगेर, जमुई जैसे इलाकों में सक्रिय गुटों का लगभग सफाया कर दिया गया है।
- अमरजीत भोक्ता की गिरफ्तारी के बाद नक्सली नेटवर्क बिखर चुका है।
- अब केवल जमुई-खड़गपुर क्षेत्र में कुछ हथियारबंद दस्ते बचे हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई जारी है।
6 महीने में 700 अपराधी गिरफ्तार, दर्जनों वारदातें नाकाम
इस वर्ष जनवरी से अब तक STF ने 700 से अधिक कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
- दानापुर ज्वेलरी शॉप लूट, आरा तनिष्क कांड, समस्तीपुर महाराष्ट्र बैंक लूट जैसे मामलों के अपराधी पकड़े गए।
- लूट की दर्जनों घटनाओं को वारदात से पहले ही रोक लिया गया।
👉 एसटीएफ की सक्रिय इंटेलिजेंस प्रणाली और निगरानी ने इन उपलब्धियों को संभव बनाया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की होगी वापसी, जल्द होगी सजाएं
राज्य सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट की फिर से स्थापना की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
- गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
- 2012-13 में जहां 2-3 हजार अपराधियों को सजा मिलती थी, वहीं अब यह आंकड़ा 500-600 सालाना पर सिमट गया है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट की पुनर्बहाली से गंभीर मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित होगा।
अपराधियों की संपत्ति जब्त होगी, 1290 चिन्हित
पुलिस ने राज्यभर में 1290 ऐसे अपराधियों की पहचान की है, जिन्होंने आपराधिक गतिविधियों से संपत्ति अर्जित की है।
- इनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
- अवैध हथियार रखने वाले नाबालिग के केस में अभिभावकों पर भी कार्रवाई होगी, चाहे वह हथियार लाइसेंसी ही क्यों न हो।
नॉरकोटिक्स सेल का गठन, नशा के कारोबार पर नजर
राज्य में बढ़ते नशा कारोबार को रोकने के लिए STF में ‘नॉरकोटिक्स सेल’ का गठन किया गया है।
- इसका उद्देश्य थानों और स्थानीय पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
- सेल की संरचना और क्षमता में वृद्धि की जा रही है।
अपराध में नहीं आई वृद्धि, वारदातों में कमी
एडीजी कुंदन कृष्णन ने कहा कि राज्य में आपराधिक घटनाओं की संख्या में कमी आई है।
- पिछले साल की तुलना में मई-जून 2025 में अपराध कम हुए हैं।
- STF की योजनाबद्ध कार्रवाई और इंटेलिजेंस इनपुट ने अपराध पर लगाम लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बिहार पुलिस अब पारंपरिक अपराधों से आगे बढ़कर सुपारी किलर, नक्सली नेटवर्क, ड्रग माफिया और अवैध संपत्ति पर समग्र निगरानी प्रणाली के साथ कार्रवाई कर रही है। आने वाले महीनों में यह अभियान और तेज होने की संभावना है।

