HIGHLIGHTS:
- मेगा सर्वे: सांख्यिकी मंत्रालय (NSO) ने ‘राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण-2026’ के लिए कसी कमर।
- ट्रेनिंग कैंप: पटना के बेली रोड स्थित होटल AVR में दो दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन।
- लक्ष्य: आय की असमानता मापना और कल्याणकारी योजनाओं के लिए सटीक डेटा तैयार करना।
- टाइमलाइन: 1 अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक चलेगा यह राष्ट्रव्यापी अभियान।
नीति निर्माण की ‘धुरी’ बनेंगे आपके आँकड़े: पटना से हुआ शंखनाद
पटना: सरकार अब यह जानने की तैयारी में है कि आम आदमी की जेब में आखिर कितना पैसा आ रहा है और वह कहाँ खर्च हो रहा है। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), पटना द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हो गया। इस शिविर का मकसद उन ‘प्रगणकों’ (Enumerators) को तैयार करना था, जो अगले एक साल तक देश के कोने-कोने में जाकर घरेलू आय का हिसाब-किताब जुटाएंगे।
[सर्वेक्षण का ‘एक्स-रे’: क्या है सरकार का प्लान?]
शिविर का उद्घाटन करते हुए उप महानिदेशक एवं क्षेत्रीय प्रमुख श्री रोशन लाल साहू ने साफ शब्दों में कहा कि बिना सटीक डेटा के कोई भी कल्याणकारी योजना सफल नहीं हो सकती।
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मुख्य बिंदु |
विवरण |
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सर्वेक्षण की अवधि |
1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक |
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प्रमुख उद्देश्य |
आय वितरण समझना और आर्थिक असमानता का मापन |
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फायदा |
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सटीक पहचान |
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तकनीकी नेतृत्व |
श्री परिमल (उप निदेशक) और उनकी टीम |
तैयारी पूरी: भागलपुर से गया तक के अधिकारी रहे मौजूद
प्रशिक्षण सत्र के दौरान डेटा की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।
- स्वागत और संचालन: कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमती प्रियंका कुमारी (वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी) के स्वागत भाषण से हुई।
- मास्टर ट्रेनर्स: तकनीकी सत्रों को श्री जीतेंद्र राय, श्री रौशन कुमार और श्री सुबोध कुमार ने लीड किया, जिन्होंने प्रगणकों को बताया कि फील्ड में जाकर डेटा कैसे कलेक्ट करना है।
- क्षेत्रीय उपस्थिति: इस कैंप में भागलपुर उप-क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी श्री रश्मि रंजन और गया कार्यालय से श्री गौरव कुमार (सहायक निदेशक) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
शिविर के सफल आयोजन में श्री सुधीर कुमार झा, देवेंद्र कुमार, और सोमेंद्र कुमार जैसे अनुभवी कर्मियों का विशेष योगदान रहा। अंत में सहायक निदेशक श्री राजीव कुमार झा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
VOB का नजरिया: डेटा ही ‘सुपरपावर’ है!
अक्सर हम कहते हैं कि “महंगाई बढ़ गई” या “कमाई कम है”, लेकिन सरकार को यह सब साबित करने के लिए ठोस सबूत चाहिए होते हैं। ‘राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण-2026’ वही सबूत जुटाने की प्रक्रिया है। यह सर्वे इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के आधार पर भविष्य में राशन, सब्सिडी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ तय होगा। पटना में हुई यह ट्रेनिंग बताती है कि इस बार डिजिटल और तकनीकी रूप से डेटा को ज्यादा पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है। तो तैयार रहिए, 1 अप्रैल से आपके दरवाजे पर भी NSO की टीम दस्तक दे सकती है!


