
पटना, 5 अगस्त 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और मानदेय से जुड़े कुल 36 एजेंडों पर मुहर लगी। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय बिहार के मूल निवासियों को शिक्षकों की बहाली में प्राथमिकता देना रहा। इसके साथ ही रसोइया, शारीरिक शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, ममता कर्मी व सफाईकर्मियों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
अब बिहारियों को प्राथमिकता, शिक्षक बनने का सुनहरा अवसर
कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार, BPSC द्वारा आयोजित होने वाली TRE-4 परीक्षा (Teacher Recruitment Exam) से ही बिहार के मूल निवासियों को डोमिसाइल का लाभ मिलेगा। यह संशोधन बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2025 के अंतर्गत लागू किया गया है।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के इस निर्णय से कुल लाभ का प्रतिशत 85 फीसदी से अधिक होगा।
TRE-4 परीक्षा 2025 में आयोजित की जाएगी, जबकि TRE-5 परीक्षा 2026 में प्रस्तावित है। इसके पहले एसटीईटी परीक्षा कराई जाएगी।
रसोइयों, शारीरिक शिक्षकों और अन्य कर्मियों के मानदेय में बड़ा इजाफा
कैबिनेट बैठक में स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों के मानदेय में भी व्यापक वृद्धि की गई। विवरण इस प्रकार है:
| श्रेणी | पुराना मानदेय | नया मानदेय | लाभार्थियों की संख्या |
|---|---|---|---|
| रात्रि प्रहरी | ₹5,000 | ₹10,000 | 6,000 |
| शारीरिक शिक्षक/अनुदेशक | ₹8,000 | ₹16,000 (+ ₹400 वार्षिक बढ़ोतरी) | 2,350 |
| मिड-डे मील रसोइया | ₹1,650 – ₹2,500 (पुराना) | ₹3,300 | 2,18,622 |
| आशा कार्यकर्ता | ₹1,000–₹2,000 (पूर्व मानदेय) | ₹3,000 | – |
| ममता कर्मी | ₹300 प्रति प्रसव | ₹600 प्रति प्रसव | – |
| नियमित सफाईकर्मी (ग्रामीण) | ₹7,500 | ₹9,000 | – |
| अंशकालिक सफाईकर्मी | ₹3,500 | ₹5,000 | – |
छात्रवृत्ति, साइकिल योजना और स्वास्थ्य योजना के लिए हाजिरी का नया मापदंड
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना, साइकिल योजना और छात्रवृत्ति योजनाओं में उपस्थिति की शर्तों को भी स्पष्ट किया है।
अब 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2025 तक की अवधि में कम से कम 75% उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को ही इन योजनाओं का लाभ मिलेगा। यह नियम कक्षा 7वीं से 12वीं तक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगा।
कैबिनेट के फैसले शिक्षा, महिला कल्याण और जनसेवा को देंगे मजबूती
राज्य सरकार के इन निर्णयों से बिहार के युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर, और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत सहयोगी कर्मियों को आर्थिक संबल मिलेगा। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में स्थायित्व और गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।


