पटना, 15 जुलाई 2025।राजधानी पटना की तर्ज पर अब बिहार के अन्य गंगा तटीय शहरों को भी गंगा पथ की सौगात मिलने जा रही है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि मुंगेर से भागलपुर (सबौर) तक लगभग 82.80 किलोमीटर लंबी गंगा पथ परियोजना को मंजूरी दे दी गई है।
यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी और इस पर कुल 9969.63 करोड़ रुपये की लागत आएगी। गंगा पथ का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत होगा।
प्रथम चरण: मुंगेर (सफियाबाद) से सुल्तानगंज तक
- कुल लंबाई: 42 किलोमीटर
- मार्ग: सफियाबाद – बरियारपुर – घोरघट – सुल्तानगंज
- अनुमानित लागत: 5119.80 करोड़ रुपये
द्वितीय चरण: सुल्तानगंज से सबौर (भागलपुर) तक
- कुल लंबाई: 40.80 किलोमीटर
- मार्ग: सुल्तानगंज – भागलपुर – सबौर
- अनुमानित लागत: 4849.83 करोड़ रुपये
क्या मिलेगा इस परियोजना से?
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि गंगा पथ न केवल यातायात को आसान और तीव्र बनाएगा, बल्कि यह पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार के लिए भी वरदान साबित होगा। यह मार्ग गंगा नदी के किनारे एक सौंदर्यपूर्ण अनुभव प्रदान करेगा जो यात्रियों के लिए एक नई परिकल्पना होगी।
बदलते बिहार की तस्वीर
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार में सड़क और पुल निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 से पहले बिहार में सड़क संपर्क की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन अब राज्य में एक मजबूत और विस्तृत सड़क नेटवर्क का निर्माण हो चुका है।
यह परियोजना न केवल पूर्वी बिहार के विकास की गति को और तेज करेगी, बल्कि सुल्तानगंज के श्रावणी मेला, भागलपुर के ऐतिहासिक धरोहरों, और मुंगेर के औद्योगिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।


