बिहार के 4 शहरों में अब ‘AI’ संभालेगा ट्रैफिक की कमान: जाम से मिलेगी मुक्ति, नियम तोड़ने पर सीधे घर पहुँचेगा चालान

पटना/भागलपुर | 23 फरवरी, 2026: बिहार के चार प्रमुख शहरों की सड़कों पर अब इंसान के साथ-साथ ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) की तीसरी आंख का पहरा होगा। राजधानी पटना सहित बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इन शहरों में ‘एडेप्टिव एआई कैमरे’ लगाए जाएंगे, जो न केवल जाम पर लगाम लगाएंगे बल्कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी पैनी नजर रखेंगे।

ट्रैफिक के दबाव के अनुसार खुद बदलेंगे सिग्नल

​इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘रीयल-टाइम ट्रैफिक मैनेजमेंट’ है। पटना के 28 प्रमुख चौराहों सहित अन्य स्मार्ट सिटी के व्यस्त इलाकों में यह सिस्टम वाहनों के दबाव को खुद मापेगा।

  • स्मार्ट सिग्नल: जिस दिशा में गाड़ियों की संख्या अधिक होगी, वहां का सिग्नल अपने आप ज्यादा समय के लिए हरा रहेगा। वहीं, कम ट्रैफिक वाली दिशा में सिग्नल जल्दी बदल जाएगा।
  • जाम से राहत: इससे चौराहों पर बेवजह रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वाहनों का प्रवाह सुगम होगा।

सिर्फ निगरानी नहीं, 14 नियमों पर कटेगा ‘ई-चालान’

​ये एआई कैमरे सामान्य सीसीटीवी कैमरों से बिल्कुल अलग होंगे। ये कैमरे स्वचालित रूप से यातायात नियमों के उल्लंघन को पहचान लेंगे और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे ई-चालान जारी कर देंगे। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, कुल 14 प्रकार के उल्लंघनों पर कार्रवाई होगी, जिनमें मुख्य हैं:

  • ​बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाना।
  • ​ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करना।
  • ​गलत दिशा (Wrong Side) में गाड़ी चलाना।
  • ​बाइक पर तीन सवारी (ट्रिपल राइडिंग)।
  • ​रेड लाइट जंप करना और ओवरस्पीडिंग।

सर्वे पूरा, जल्द शुरू होगा इंस्टॉलेशन

​पुलिस मुख्यालय ने इस प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेज दिया है। संबंधित चारों शहरों में सर्वे का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। विभाग से अंतिम मंजूरी मिलते ही कैमरों को लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बंगलूरु, दिल्ली और नोएडा जैसे बड़े शहरों में इस तकनीक के सफल परिणामों को देखते हुए बिहार में इसे लागू करने का निर्णय लिया गया है।

द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण: बिहार की सड़कों पर बढ़ता वाहनों का दबाव और लगातार लगने वाले जाम से निपटने के लिए यह तकनीक एक ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है। हालांकि, आम जनता के लिए अब सड़क पर निकलते समय अधिक अनुशासित होना अनिवार्य हो जाएगा, क्योंकि अब नियमों की अनदेखी सीधे आपकी जेब पर भारी पड़ेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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