गांधी मैदान में बोले – हिंदुस्तान में केवल ‘हिंदू’ की बात होनी चाहिए, जात-पात की नहीं
पटना | प्रख्यात संत और शिक्षाविद् स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने जाति आधारित जनगणना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे जाति आधारित गणना के पक्षधर नहीं हैं। उनका मानना है कि जब एक ओर समाज में जात-पात मिटाने की बात हो रही है, तो दूसरी ओर सरकार द्वारा जातिगत आधार पर जनगणना कराना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा –
“हिंदुस्तान में केवल ‘हिंदू’ की बात होनी चाहिए, जात-पात की नहीं।“
गांधी मैदान में बोले – जहर मत घोलिए
पटना के गांधी मैदान में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव के समापन समारोह एवं सनातन महाकुंभ की अध्यक्षता करते हुए स्वामी रामभद्राचार्य ने यह वक्तव्य दिया।
उन्होंने कहा,
“जहर मत घोलिए। हमारे यहां सभी जातियों को भी सम्मान देने की परंपरा रही है। सनातन संस्कृति में सबको साथ लेकर चलने की बात कही गई है।“
धार्मिक एकता और सनातन मूल्यों पर दिया बल
स्वामी रामभद्राचार्य ने अपने उद्बोधन में सनातन धर्म की व्यापकता, समावेशिता और सबके प्रति समान दृष्टिकोण की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि देश को जोड़ने की ज़रूरत है, बांटने की नहीं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे धर्म और संस्कृति की रक्षा करें, लेकिन विभाजनकारी सोच से दूर रहें।
समारोह में उमड़ी हजारों की भीड़
भगवान परशुराम जन्म महोत्सव के अवसर पर आयोजित इस महाकुंभ में बिहार समेत अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। मंच पर कई प्रमुख संतों, विद्वानों और समाजसेवियों ने भी विचार रखे।


