HIGHLIGHTS: त्यौहारों पर सुरक्षा का ‘चक्रव्यूह’; शांति भंग करने वालों को एसपी की सीधी चेतावनी
- एक्शन मोड: ईद और रामनवमी को लेकर भागलपुर पुलिस अलर्ट; शुक्रवार शाम नाथनगर के संवेदनशील इलाकों में निकाला गया फ्लैग मार्च।
- बड़ी तैयारी: एसपी सिटी शैलेन्द्र सिंह और नगर डीएसपी-2 राकेश कुमार के नेतृत्व में मिलिट्री फोर्स और पुलिस बल ने शक्ति प्रदर्शन किया।
- डिजिटल पहरा: पूरे शहर की मॉनिटरिंग के लिए ड्रोन कैमरों का लिया जा रहा सहारा; छतों और संकरी गलियों पर रहेगी नजर।
- अपील: शांति समिति और पूजा समितियों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और अफवाहों से बचने का आह्वान।
भागलपुर | 21 मार्च, 2026
सिल्क सिटी भागलपुर में आगामी त्योहारों—ईद और रामनवमी—को लेकर सुरक्षा व्यवस्था ‘टाइट’ कर दी गई है। शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखने और असामाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए पुलिस ने सड़कों पर उतरकर अपनी ताकत दिखाई है। शुक्रवार की शाम नाथनगर और आसपास के इलाकों में जिस तरह से भारी पुलिस बल और मिलिट्री फोर्स ने मार्च किया, उसने साफ कर दिया है कि प्रशासन किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है।
फ्लैग मार्च का ‘रूट मैप’: कहाँ-कहाँ से गुजरी ‘खाकी’?
पुलिस का काफिला ललमटिया से शुरू होकर शहर के कई प्रमुख और संवेदनशील हिस्सों को कवर करते हुए निकला:
|
शुरुआती बिंदु |
प्रमुख पड़ाव |
समापन क्षेत्र |
|---|---|---|
|
ललमटिया थाना |
NH 80, नाथनगर थाना, मदनीनगर चौक |
भागलपुर शहर की ओर |
|
चंपानगर |
विषहरी स्थान चौक, नरगा, CTS |
मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र |
|
अंतिम चरण |
पासीटोला, कबीरपुर |
विभिन्न वार्ड एवं मोहल्ले |
एसपी सिटी की ‘दो टूक’: “गलत किया तो खैर नहीं”
मार्च के दौरान एसपी सिटी शैलेन्द्र सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस की नजर हर उस शख्स पर है जो माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकता है।
”असामाजिक तत्वों पर हमारी पैनी नजर है। हम न केवल जमीन पर गश्त कर रहे हैं, बल्कि ड्रोन तकनीक से आसमान से भी निगरानी रख रहे हैं। ईद जैसे पाक मौके और रामनवमी जैसे बड़े त्यौहार में बाधा डालने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
VOB का नजरिया: क्या ‘ड्रोन’ और ‘फ्लैग मार्च’ से थमेंगे अफवाहों के बाजार?
भागलपुर जैसे संवेदनशील जिले में त्यौहारों से पहले इस तरह का शक्ति प्रदर्शन जरूरी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल एक बेहतरीन कदम है, क्योंकि अक्सर संकरी गलियों या छतों से होने वाली शरारतें पुलिस की नजर से बच जाती थीं।
लेकिन, असली सुरक्षा केवल ‘बंदूक और वर्दी’ से नहीं, बल्कि ‘भाईचारे’ से आती है। एसपी ने शांति समिति के साथ जो अपील की है, वह सबसे महत्वपूर्ण है। अफवाहों के दौर में स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना की तुरंत पुलिस को जानकारी दें। प्रशासन मुस्तैद है, अब जनता की बारी है कि वे इन त्यौहारों को भागलपुर की एकता की मिसाल बना दें।


