झांसी: भारतीय रेलवे यात्रियों को साफ-सुथरा और स्वास्थ्यप्रद सफर देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में उत्तर मध्य रेलवे के झांसी डिवीजन ने सितंबर महीने से अब तक गंदगी फैलाने और धूम्रपान करने वाले 5113 यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन यात्रियों पर कुल 10,26,670 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन और स्टेशनों में गंदगी फैलाना और खुले में धूम्रपान करना न केवल सफाई की समस्या बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। गंदे प्लेटफॉर्म, फेंके गए कचरे और खुले में थूकने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और यात्रियों के अनुभव को प्रभावित करता है।
यात्रियों की जिम्मेदारी
भारतीय रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन परिसर और ट्रेन में स्वच्छता बनाए रखें, खुले में थूकने और धूम्रपान जैसी आदतों से बचें। रेलवे का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में और भी कठोर उपाय अपनाए जाएंगे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना है। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को समझना होगा कि उनका छोटा सा व्यवहार भी सफर को आरामदायक या असुविधाजनक बना सकता है।
अभियान का असर
इस अभियान से रेलवे को उम्मीद है कि आने वाले समय में गंदगी और धूम्रपान जैसी समस्याएं कम होंगी और यात्रियों का अनुभव और भी बेहतर होगा। यात्रियों की जागरूकता बढ़ाने और सफाई बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान पूरे देश के विभिन्न डिवीजनों में लगातार जारी हैं।

