
किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला, छापेमारी में जमीन, नकदी, गाड़ियां और निवेश के दस्तावेज बरामद
बिहार में एक पुलिस अधिकारी की अकूत संपत्ति ने पूरे सिस्टम को चौंका दिया है। किशनगंज में पदस्थापित एसडीपीओ गौतम कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। अब इस मामले में 6 अप्रैल को उनसे पटना स्थित EOU मुख्यालय में पूछताछ की जाएगी।
80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
जांच एजेंसी की छापेमारी में सामने आया है कि गौतम कुमार ने अपने सेवा काल के दौरान करीब 80 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है। यह संपत्ति उनके नाम के अलावा पत्नी, सास और एक महिला मित्र के नाम पर भी पाई गई है।
EOU के मुताबिक, उनके खिलाफ दर्ज मामले में आय से लगभग 60 प्रतिशत से अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रमाण मिले हैं।
कई ठिकानों पर छापेमारी
आर्थिक अपराध इकाई ने पूर्णिया, किशनगंज और पटना सहित कुल छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कोर्ट से वारंट लेकर की गई इस कार्रवाई में कई अहम दस्तावेज और संपत्तियों का खुलासा हुआ।
छापेमारी के दौरान:
- 25 से अधिक जमीन के कागजात
- बीमा और निवेश से जुड़े दस्तावेज
- नकदी और महंगे आभूषण
- लग्जरी गाड़ियां जैसे क्रेटा और थार
बरामद किए गए हैं।
आलीशान मकान और बड़े निवेश
जांच में यह भी सामने आया कि पूर्णिया में करीब 3600 वर्ग फीट में बना चार मंजिला मकान है, जिसकी कीमत लगभग ढाई करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा पटना में नर्सिंग होम खोलने से संबंधित नक्शा भी मिला है।
EOU को यह भी जानकारी मिली है कि गौतम कुमार ने सिलीगुड़ी में चाय बागान में निवेश किया है, वहीं नोएडा और गुरुग्राम में भी संपत्ति अर्जित की है।
महिला मित्र के खाते में लेनदेन
जांच के दौरान एक महिला मित्र के घर से सात जमीन के कागजात और करीब 60 लाख रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके अलावा बैंक खातों में नकद जमा और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के सबूत भी मिले हैं।
EOU को संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल अवैध संपत्ति को छिपाने के लिए किया गया।
पूछताछ में होंगे कई बड़े सवाल
EOU ने गौतम कुमार को नोटिस जारी कर 6 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। इस दौरान उनसे कई अहम सवाल पूछे जाएंगे, जैसे:
- इतनी बड़ी संपत्ति का स्रोत क्या है
- महिला मित्र के खाते में पैसा क्यों भेजा गया
- नकद और निवेश की रकम कहां से आई
बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान उन्होंने जांच में बाधा डालने की कोशिश भी की थी, लेकिन सख्ती के बाद स्थिति नियंत्रित हुई।
परिवार के सदस्य भी जांच के घेरे में
इस मामले में गौतम कुमार के साथ उनकी पत्नी रूबी कश्यप, सास पूनम देवी और महिला मित्र शगुफ्ता शमीम को भी सह-अभियुक्त बनाया गया है। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है।
माफियाओं से संबंध की भी जांच
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि डीएसपी के स्थानीय कोयला, शराब, एंट्री और लॉटरी माफियाओं से संबंध हो सकते हैं। इस एंगल पर भी EOU गहराई से जांच कर रही है।
इस कार्रवाई को 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है। अब सबकी नजर 6 अप्रैल को होने वाली पूछताछ पर टिकी है, जहां कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।


