
उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन ने हाल ही में हिंसक रूप ले लिया था। बवाल बढ़ने के बाद पुलिस ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। अब इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
इस बीच Rashtriya Janata Dal (RJD) की दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं प्रियंका भारती और कंचन यादव के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने नोएडा से जुड़ा एक भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे क्षेत्र में भय और अविश्वास का माहौल बना।
पुलिस के अनुसार, यह वीडियो सुनियोजित तरीके से साझा किया गया था ताकि पुलिस की छवि को धूमिल किया जा सके और गलत नैरेटिव फैलाया जा सके। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(b) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 66D के तहत केस दर्ज किया है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं, पिछले एक सप्ताह से औद्योगिक क्षेत्रों में जारी तनाव अब धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है। बुधवार को अधिकांश फैक्ट्रियां फिर से खुल गईं और कामगार अपने काम पर लौटने लगे। शैक्षणिक संस्थान भी दोबारा संचालित होने लगे हैं।
हालांकि, पुलिस कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी के डर से कई कंपनियों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। कई श्रमिकों को आशंका है कि उन्हें उपद्रवी मानकर गिरफ्तार किया जा सकता है।
कुछ जगहों पर श्रमिकों ने फिर से इकट्ठा होने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उन्हें समझाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया और काम पर लौटने के लिए प्रेरित किया।


