अब ‘ऐप-ऐप’ खेलना बंद! रेलवे का ‘RailOne’ करेगा हर मुश्किल हल; पूर्व रेलवे ने भागलपुर-जमालपुर समेत कई स्टेशनों पर चलाया महा-अभियान

कोलकाता/भागलपुर | 09 मार्च, 2026: भारतीय रेलवे अब पूरी तरह ‘डिजिटल अवतार’ में नजर आ रही है। यात्रियों को अलग-अलग सेवाओं के लिए दर्जनों ऐप्स के जंजाल से मुक्ति दिलाने के लिए पूर्व रेलवे (ER) ने अपने ‘ऑल-इन-वन’ रेलवन (RailOne) मोबाइल एप्लिकेशन को लेकर जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। रविवार, 08 मार्च को इस सप्ताह भर चलने वाले अभियान ने अपने तीसरे दिन में प्रवेश किया, जिसमें बिहार और पश्चिम बंगाल के रेल यात्रियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

एक ऐप, असीमित सुविधाएं: क्या है ‘RailOne’?

​अक्सर यात्रियों को टिकट के लिए IRCTC, शिकायत के लिए RailMadad और खाने के लिए किसी अन्य ऐप का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन ‘रेलवन’ इन सभी को एक ही प्लेटफॉर्म पर ले आया है।

  • एकीकृत सेवाएं: इस एकल ऐप के जरिए यात्री लोकल, एक्सप्रेस और प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकते हैं।
  • रियल-टाइम अपडेट: लाइव ट्रेन स्टेटस, पीएनआर (PNR) पूछताछ और कोच पोजीशन की सटीक जानकारी अब एक ही जगह मिलेगी।
  • सफर में सुविधा: यात्रा की योजना बनाने से लेकर ट्रेन में पसंदीदा भोजन ऑर्डर करने और किसी भी असुविधा पर ‘रेलमदद’ के जरिए तुरंत शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी इसमें शामिल है।

भागलपुर से हावड़ा तक ‘डिजिटल’ क्रांति

​पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के आह्वान पर रेलवे के अधिकारियों, कर्मचारियों और ‘भारत स्काउट्स एवं गाइड्स’ के सदस्यों ने स्टेशनों पर मोर्चा संभाला।

  • मालदा मंडल (बिहार): भागलपुर, जमालपुर, साहिबगंज और बरहरवा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर विशेष स्टॉल लगाए गए। स्वयंसेवकों ने यात्रियों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाया और उन्हें इसके फीचर्स के बारे में प्रशिक्षित किया।
  • हावड़ा और सियालदह मंडल: हावड़ा, डानकुनी, बर्द्धमान, सियालदह और दमदम जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर यात्रियों का मार्गदर्शन किया गया।
  • आसनसोल मंडल: जसीडीह, दुर्गापुर और आसनसोल में भी यात्रियों ने इस नई डिजिटल पहल को हाथों-हाथ लिया।

“ऐप बदलना बंद करें, RailOne पर स्विच करें”

​अभियान के दौरान रेलवे का संदेश बिल्कुल स्पष्ट था— डिजिटल युग में अपनी यात्रा को स्मार्ट बनाएं। स्काउट्स और गाइड्स के सदस्यों ने यात्रियों को बताया कि कैसे यह ‘सुपर ऐप’ उनके समय की बचत करेगा और सफर को अधिक पारदर्शी बनाएगा। मौके पर मौजूद कई यात्रियों ने ऐप की ‘कोच पोजीशन’ और ‘लाइव स्टेटस’ फीचर की सराहना की, जो अक्सर सफर के दौरान सबसे बड़ी चिंता होती है।

VOB का नजरिया: क्या ‘RailOne’ वाकई गेम-चेंजर साबित होगा?

रेलवे का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक बड़ी छलांग है। यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मोबाइल स्टोरेज और अलग-अलग ऐप्स के पासवर्ड याद रखना होती थी। ‘रेलवन’ ने इस समस्या का सीधा समाधान दिया है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों के यात्रियों के लिए इसे कितना सरल बनाया गया है, यह इसकी असली परीक्षा होगी। भागलपुर और मालदा जैसे रेल मंडलों में इस तरह के अभियानों की सख्त जरूरत थी ताकि आम यात्री भी तकनीक का पूरा लाभ उठा सकें।

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