भागलपुर, 15 जुलाई 2025।गोटखरीक निवासी और पूर्व पंच 53 वर्षीय सुलेखा देवी, जो 14 जून से लापता थीं, के साथ नृशंस बलात्कार एवं हत्या की पुष्टि के बावजूद अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है।
इस गंभीर घटना पर 24 जून को तत्कालीन राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के निर्देश पर नौ सदस्यीय टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। जांच में यह सामने आया कि घटना में स्थानीय अपराधियों की संलिप्तता रही है, जिन्होंने पुलिस व ग्रामीणों को गुमराह कर साक्ष्य मिटाने का भी प्रयास किया।
राजद का प्रतिनिधिमंडल डीआईजी से मिला
घटना की जांच में तेजी लाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आज राजद के महासचिव व भागलपुर प्रमंडल प्रभारी मदन शर्मा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (पूर्वी क्षेत्र), भागलपुर से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने दो पृष्ठों का लिखित आवेदन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे:
- राजद भागलपुर जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद यादव
- नौगछिया जिला अध्यक्ष अलख निरंजन पासवान
- महिला जिलाध्यक्ष सीमा जयसवाल
- राजद नेता गौतम कुमार प्रीतम
पीड़ित परिवार भी रहा उपस्थित
इस दौरान पीड़ित परिवार से सुलेखा देवी के पति एवं पुत्र भी मौजूद थे। आवेदन में गुड्डू सनगही समेत तीन संदिग्धों के नाम का उल्लेख किया गया है। डीआईजी कार्यालय में मौजूद अधिकारी ने पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए सभी तथ्यों को ध्यान से सुना और कानूनसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बताया गया कि सुलेखा देवी के पार्थिव शरीर को फोरेंसिक जांच के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।


