NMCH के वायरल वीडियो को स्वास्थ्य मंत्री ने बताया झूठा

PATNA : राजधानी पटना स्थित NMCH हॉस्पिटल का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस वीडियो को ट्वीट कर सरकार की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किये हैं. लेकिन अब बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इस वीडियो पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह वीडियो ही झूठा है.

दरअसल, पूरा मामला ये है कि मनी सिंह राजपूत नाम के एक युवक ने एक वीडियो बनाया है. युवक का दावा है कि ये वीडियो पटना के कोरोना अस्पताल एनएमसीएच का है. उसका कहना है कि कोरोना वार्ड में उसके पिता का इलाज चल रहा है, लेकिन वहां कोई देखनेवाला नहीं है. नर्स और मेडिकल स्टॉफ कोई जरूरत होती है, तो उसी से काम करवाते हैं.

सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ़ तौर पर युवक को ये कहते हुए देखा जा रहा है कि दो दिन पहले कोरोना पीड़ित दो व्यक्तियों की मौत हो गई है, लेकिन उनके शव को अस्पताल के बेड पर ही छोड़ दिया गया है. उठाया नहीं गया है, ये एक बड़ा सवाल है कि आखिर 48 घंटे से कैसे किसी अस्पताल में बेड पर शव रह सकते हैं. जिसके आसपास कोरोना पीड़ित मरीज भर्ती है. युवक ने जो वीडियो बनाया है, उसकी पुष्टि जी मीडिया नहीं करता है, लेकिन तस्वीर बहुत भयावह है.

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय इस वायरल वीडियो को ही भ्रामक यानी कि झूठा बता रहे हैं. मंगल पांडेय का कहना है कि ये वीडियो गलत है. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो और वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों को लेकर उन्होंने खुद एनएमसीएच के अधीक्षक से बातचीत की. लेकिन अस्पताल के सुपरिटेंडेंट ने हेल्थ मिनिस्टर को बताया कि कोई भी डेड बॉडी नहीं पड़ी है.

मंगल पांडेय ने बताया कि कोरोना संक्रमित लोगों की मौत के बाद एक प्रोटोकॉल के तहत बॉडी की अंत्योष्टि की जाती है. पटना जिला प्रशासन और जिस जिला का रहने वाला मृतक व्यक्ति होता है, दोनों आपसी सामंजस्य से बातचीत कर आगे की कार्रवाई करते हैं. मृतक को बॉडी बैग में पैक कर मर्च्युरी वैन से ले जाया जाता है.

बहरहाल, इस मसले पर तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है. तेजस्वी यादव ने लिखा है कि बिहार की भयावह स्थिति देखिए एनएमसीएच के कोरोना वार्ड में 2 दिन से मृत मरीज़ों के शव रखे है. स्वस्थ मरीज़ बगल वाले बेड पर लेटे है. कोई डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी नहीं है. परिजन देखभाल कर रहे है. डॉक्टर, नर्स और वेंटिलेटर मुख्यमंत्री आवास भेज दिए गए है चूंकि वहां भी 60 कोरोना पॉज़िटिव केस पाए गए है. सरकार चुनावी तैयारियों में व्यस्त है. हालात और अधिक गंभीर होने वाले है. 15 वर्षीय कुर्सीवादी सरकार के भरोसे मत रहिए, अपना ख्याल खुद रखिए.

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