HIGHLIGHTS: मुंगेर की बदलती तस्वीर; विकास की ‘प्रगति’ से ‘समृद्धि’ तक का सफर
- बड़ा मेगा-गिफ्ट: मुख्यमंत्री ने मुंगेर को दी 119 करोड़ रुपये की 78 विकास योजनाओं की सौगात।
- मिशन रोजगार: अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य; मुंगेर में उद्यमियों को बांटे गए चेक।
- सात निश्चय-3: ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) के तहत नागरिकों की मुश्किलें कम करने पर जोर।
- धार्मिक कायाकल्प: पौराणिक कष्टहरणी घाट का सौंदर्गीकरण संपन्न; राम-लक्ष्मण और दानवीर कर्ण की स्मृतियों को मिला नया निखार।
मुंगेर | 19 मार्च, 2026
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ आज मुंगेर की धरती पर उतरी, जहाँ उन्होंने न केवल विकास की फाइलों को खंगाला, बल्कि जिले के भविष्य के लिए 119 करोड़ रुपये का खजाना भी खोल दिया। साफियाबाद हवाई अड्डे से लेकर गंगा के कष्टहरणी घाट तक, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि 2026 का बिहार अब ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) के मंत्र पर आगे बढ़ेगा।
📊 मुंगेर का ‘समृद्धि’ बजट: योजनाओं का लेखा-जोखा
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कार्य का स्वरूप |
संख्या |
लागत (अनुमानित) |
प्रमुख प्रोजेक्ट्स |
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उद्घाटन (Inauguration) |
52 योजनाएं |
87 करोड़ रुपये |
जिला उद्योग केंद्र, पशु औषधालय प्रशिक्षण केंद्र। |
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शिलान्यास (Foundation) |
26 योजनाएं |
32 करोड़ रुपये |
तारापुर बाईपास, संग्रामपुर औद्योगिक पार्क। |
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कुल सौगात |
78 योजनाएं |
119 करोड़ रुपये |
मुंगेर का सर्वांगीण विकास |
“1 करोड़ नौकरियां और युवाओं का सुरक्षित भविष्य” — नीतीश कुमार
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं के लिए अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता को दोहराया:
- रोजगार का लक्ष्य: 20 नवंबर 2025 को बनी नई सरकार के संकल्प के तहत, अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा।
- उद्यमिता को बूस्ट: मुंगेर में नवनिर्मित जिला उद्योग केंद्र का उद्घाटन करते हुए उन्होंने लाभार्थियों को 60 लाख रुपये का चेक प्रदान किया, ताकि स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिले।
- सात निश्चय-3: मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ का मुख्य मकसद आम आदमी की दैनिक कठिनाइयों को तकनीकी और नीतिगत बदलावों से कम करना है।
पौराणिक कष्टहरणी घाट: जहाँ मिटते हैं कष्ट, वहां पहुंचे मुख्यमंत्री
मुंगेर का ऐतिहासिक कष्टहरणी घाट, जहाँ ताड़का वध के बाद भगवान राम ने स्नान किया था, अब नए रंग-रूप में नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री ने न केवल यहाँ के सौंदर्गीकरण का निरीक्षण किया, बल्कि अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस पूरे क्षेत्र को एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करें।
”प्रगति यात्रा की योजनाओं को तेजी से पूरा करें। सात निश्चय-2 के साथ-साथ अब सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को जमीन पर उतारना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
— नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री
VOB का नजरिया: क्या ‘ईज ऑफ लिविंग’ से बदलेगी बिहार की रैंकिंग?
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा का मुंगेर पड़ाव यह साफ करता है कि सरकार अब ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ के साथ ‘इनकम’ पर भी ध्यान दे रही है। 1 करोड़ नौकरियों का वादा एक बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन जिस तरह से जिला उद्योग केंद्रों को आधुनिक बनाया जा रहा है, वह सकारात्मक संकेत है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि 4-लेन रिंग रोड (बिहार योग विद्यालय के लिए) और संग्रामपुर में 50 एकड़ का औद्योगिक पार्क मुंगेर की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकते हैं। अब सारा दारोमदार डीएम निखिल धनराज निप्पनिकर और उनकी टीम पर है कि वे इन 119 करोड़ की योजनाओं को कितनी पारदर्शिता से पूरा करते हैं।


