
बिहार की सियासत इन दिनों जबरदस्त उबाल पर है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। करीब दो दशकों तक राज्य की सत्ता की धुरी रहे नीतीश कुमार अब पटना की गद्दी छोड़कर दिल्ली की राजनीति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिहार की कमान अब किसके हाथों में जाएगी।
जेडीयू की अहम बैठक आज
इसी सियासी उथल-पुथल के बीच Janata Dal (United) ने शुक्रवार (6 मार्च) शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक, सांसद और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) को बुलाया गया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार की अगली सरकार को लेकर अहम रणनीति तय की जा सकती है।
राज्यसभा के लिए किया नामांकन
दरअसल, गुरुवार को नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर यह संकेत दिया कि वे अब धीरे-धीरे बिहार की राजनीति से दूरी बनाकर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान होना है।
सूत्रों के मुताबिक, वे 10 अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन उनके इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
कार्यकर्ताओं में बेचैनी
नीतीश कुमार के इस फैसले को लेकर जेडीयू के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच बेचैनी साफ देखी जा रही है। कुछ लोग इसे राजनीतिक साज़िश बता रहे हैं, तो कुछ इसे एक रणनीतिक कदम मान रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बिहार में सत्ता का नया समीकरण तैयार किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पद पर नया चेहरा सामने आ सकता है।
सबकी नजर बैठक पर
अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली जेडीयू की बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि यहीं से बिहार की राजनीति की अगली दिशा तय हो सकती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जेडीयू से कोई नया चेहरा मुख्यमंत्री के तौर पर उभरेगा या फिर सत्ता की कमान किसी अन्य दल के नेता के हाथों में जाएगी। इतना तय है कि बिहार की सियासत में खेल अभी शुरू हुआ है और आने वाले दिनों में कई बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


