राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार, लेकिन JDU की शर्त—बिहार का नेतृत्व उन्हीं के हाथ में रहेगा

समृद्धि यात्रा के दौरान मधेपुरा में हुआ बड़ा खुलासा; मंत्री विजय चौधरी और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मंच से कही अहम बातें

मधेपुरा/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच जदयू की ओर से एक महत्वपूर्ण शर्त सामने आई है। समृद्धि यात्रा के दौरान मधेपुरा में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार भले ही राज्यसभा जाएं, लेकिन बिहार की राजनीति और विकास की दिशा उनके नेतृत्व में ही तय होती रहेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी और सहयोगी दलों की यह स्पष्ट इच्छा है कि नीतीश कुमार राज्यसभा में जाने के बाद भी बिहार के विकास और प्रशासनिक दिशा को लेकर मार्गदर्शन करते रहें। जदयू नेताओं का मानना है कि उनके अनुभव और नेतृत्व से ही राज्य ने पिछले वर्षों में विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं।

विजय चौधरी ने रखा पार्टी का रुख

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे चाहे राज्यसभा जाएं या किसी भी अन्य भूमिका में रहें, लेकिन बिहार के विकास की कमान उनके हाथ में ही बनी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। ऐसे में जदयू चाहती है कि उनके अनुभव और नीतियों का लाभ आगे भी बिहार को मिलता रहे।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी जताया समर्थन

कार्यक्रम में मौजूद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास की नई गति हासिल की है और राज्य में आधारभूत संरचना, बिजली और सड़क जैसी सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 17 लाख थी, जो अब बढ़कर 2 करोड़ 16 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोगों को बिजली की सुविधा मिली है और कई परिवारों को राहत भी मिली है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर

सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं के खातों में पहले चरण में 10 हजार रुपये की सहायता दी गई है और आगे उन्हें 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देने की योजना है, जिससे वे अपने रोजगार और व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।

समृद्धि यात्रा का तीसरा चरण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का तीसरा चरण 10 से 14 मार्च तक सीमांचल और कोसी क्षेत्र में चल रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों में जाकर विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं और स्थानीय लोगों से संवाद भी कर रहे हैं।

कार्यक्रम के अनुसार 11 मार्च को मुख्यमंत्री किशनगंज और अररिया, 12 मार्च को कटिहार और पूर्णिया, 13 मार्च को सहरसा और खगड़िया तथा 14 मार्च को बेगूसराय और शेखपुरा का दौरा करेंगे।

सरकारी कार्यक्रमों और जनसभाओं के माध्यम से मुख्यमंत्री विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं।

नेतृत्व को लेकर स्पष्ट संदेश

समृद्धि यात्रा के दौरान दिए गए बयानों से यह साफ संकेत मिला है कि जदयू और एनडीए नेतृत्व चाहता है कि नीतीश कुमार किसी भी पद पर रहें, लेकिन बिहार के विकास और राजनीतिक दिशा में उनकी भूमिका बनी रहे। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके अनुभव और नेतृत्व में ही राज्य आगे बढ़ता रहेगा।

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