गांधी मैदान में दिखे कई दिलचस्प पल: नीतीश कुमार का वायरल वीडियो बना चर्चा का केंद्र

पटना। बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन कई मायनों में ऐतिहासिक और चर्चित साबित हुआ। राजधानी पटना के गांधी मैदान में सम्राट चौधरी सरकार के नए मंत्रिमंडल का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें देश की राजनीति के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। प्रधानमंत्री Narendra Modi, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। लेकिन पूरे समारोह के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा जिस घटना की हुई, वह पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar से जुड़ा एक वायरल वीडियो रहा।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में मंच पर सीट को लेकर हुई हल्की असमंजस की स्थिति ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। समारोह के दौरान जब नीतीश कुमार मंच पर पहुंचे तो वे उस कुर्सी की ओर बढ़ गए, जिस पर “मुख्यमंत्री” लिखा हुआ था। बताया जा रहा है कि यह सीट वर्तमान मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के लिए निर्धारित थी। जैसे ही नीतीश कुमार उस ओर बढ़े, मंच पर मौजूद जेडीयू नेता और उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Chaudhary ने उन्हें इशारे से दूसरी ओर जाने को कहा।

वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ क्षणों के लिए नीतीश कुमार वहीं खड़े रहे और हाथों के इशारों से कुछ कहते नजर आए। वहां मौजूद लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि शायद वे यह कह रहे थे कि जब कुर्सी पर “मुख्यमंत्री” लिखा है तो फिर उन्हें वहां बैठने से क्यों रोका जा रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

इसके बाद विजय चौधरी ने उन्हें समझाया और उनकी निर्धारित सीट की ओर ले गए। अब चूंकि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ चुके हैं और वर्तमान में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राज्यसभा सांसद की भूमिका में हैं, इसलिए उनके बैठने की अलग व्यवस्था की गई थी। कुछ ही देर बाद वे अपनी सीट पर जाकर बैठ गए और कार्यक्रम सामान्य तरीके से आगे बढ़ा।

गांधी मैदान में आयोजित इस समारोह के दौरान कई अन्य दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिले। मंच पर पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने मौजूद नेताओं और अतिथियों का अभिवादन किया। वे मंच के आगे की ओर बढ़े और वहां मौजूद कुछ लोगों से इशारों में बातचीत करते भी दिखाई दिए। इस दौरान विजय चौधरी लगातार उनके साथ नजर आए और मंच की गतिविधियों को संभालते रहे।

समारोह के दौरान एक भावुक पल तब देखने को मिला जब मंत्री पद की शपथ लेने पहुंचे निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। राजनीतिक कार्यक्रमों में ऐसे पारिवारिक और भावनात्मक दृश्य कम ही देखने को मिलते हैं, इसलिए यह पल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

निशांत कुमार का यह शपथ ग्रहण भी कई कारणों से खास माना जा रहा है। लंबे समय तक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत ने हाल ही में सक्रिय राजनीति में कदम रखा है और अब सीधे मंत्री पद तक पहुंच गए हैं। ऐसे में उनके शपथ ग्रहण को जेडीयू की भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

शपथ ग्रहण के दौरान मंच पर एक और दिलचस्प स्थिति तब बनी जब मंत्रियों को दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए बैठाया जा रहा था। कार्यक्रम के पहले चरण में श्रवण कुमार, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, निशांत कुमार और लेसी सिंह को एक साथ बुलाया गया। मंच पर पांच कुर्सियों और मेज की व्यवस्था की गई थी ताकि मंत्री क्रमवार हस्ताक्षर कर सकें।

इसी दौरान थोड़ी देर के लिए भ्रम की स्थिति बन गई जब निशांत कुमार गलती से उस कुर्सी पर बैठ गए, जहां दिलीप जायसवाल के दस्तावेज रखे थे। कुछ क्षणों के लिए मंच पर हल्की असहजता दिखाई दी। बाद में दिलीप जायसवाल ने उन्हें स्थिति समझाई और फिर सभी नेताओं ने अपनी-अपनी निर्धारित सीटों पर बैठकर औपचारिकताएं पूरी कीं। इस दृश्य को भी कैमरों ने कैद कर लिया और यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जाने लगा।

समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी भी लगातार आकर्षण का केंद्र बनी रही। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उन्होंने मंच पर मौजूद नेताओं से मुलाकात की। इसी दौरान उनका और नीतीश कुमार का एक हल्का-फुल्का संवाद भी कैमरे में कैद हुआ। वीडियो में देखा गया कि नीतीश कुमार ने बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री के कंधे पर हाथ रखा और मुस्कुराते हुए उनसे कुछ कहा। दोनों नेताओं के बीच यह सहज बातचीत भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शपथ ग्रहण समारोह केवल मंत्रिमंडल विस्तार तक सीमित नहीं था, बल्कि बिहार की राजनीति के बदलते समीकरणों का भी संकेत दे रहा था। मंच पर मौजूद नेताओं की बॉडी लैंग्वेज, सीटिंग अरेंजमेंट और आपसी बातचीत को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सामान्य मानवीय भ्रम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक संकेतों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि जेडीयू और एनडीए की ओर से इस पूरे मामले को सामान्य घटना बताया जा रहा है।

गांधी मैदान का यह समारोह राजनीतिक रूप से जितना महत्वपूर्ण रहा, उतना ही अपने अनौपचारिक और मानवीय पलों के कारण भी सुर्खियों में आ गया। मंच पर नेताओं के बीच हुई बातचीत, हल्की असमंजस की स्थितियां और पारिवारिक भावनाओं से जुड़े दृश्य अब सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन चुके हैं। आने वाले दिनों में भी यह वीडियो और इससे जुड़ी चर्चाएं बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बनी रह सकती हैं।

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