
समाचार के मुख्य बिंदु: समृद्धि यात्रा और बक्सर का कायाकल्प
- बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बक्सर जिले को 592 करोड़ रुपये की 64 विकास योजनाओं का उपहार दिया; 41 योजनाओं का उद्घाटन और 23 का शिलान्यास।
- सात निश्चय-3 का विजन: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य; राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का रोडमैप तैयार।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: बक्सर के हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय, डिग्री कॉलेज और सदर अस्पताल को ‘अति विशिष्ट अस्पताल’ बनाने की घोषणा।
- महिला सशक्तिकरण: जीविका दीदियों को 133 करोड़ रुपये से अधिक के चेक वितरित; 1.92 लाख महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रारंभिक सहायता।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर: बक्सर-कोईलवर तटबंध का सुदृढ़ीकरण, अटल कला भवन और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां संगीत कॉलेज की स्थापना का रास्ता साफ।
- VOB इनसाइट: मुख्यमंत्री का ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए सीधे जनता और अधिकारियों से संवाद 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले विकास की मजबूत बिसात बिछाने जैसा है।
बक्सर | 25 मार्च, 2026
बिहार की प्रगति को नई ऊंचाई देने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज ‘समृद्धि यात्रा’ के क्रम में बक्सर के ऐतिहासिक किला मैदान पहुँचे। यहाँ आयोजित भव्य जनसंवाद कार्यक्रम में उन्होंने न केवल अपनी सरकार के पिछले 20 वर्षों के कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया, बल्कि ‘सात निश्चय-3’ के माध्यम से आगामी 5 वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी ब्लूप्रिंट भी जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब बिहार का लक्ष्य देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होना है।
592 करोड़ का निवेश: बक्सर की सूरत बदलने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 64 विकासात्मक योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कुल 592 करोड़ रुपये के इस निवेश में 106 करोड़ की योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 486 करोड़ की नई योजनाओं पर काम शुरू होगा।
प्रमुख परियोजनाएं जिनका हुआ शिलान्यास और उद्घाटन:
- अटल कला भवन: बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में 620 की क्षमता वाला आधुनिक कला केंद्र।
- शिक्षा केंद्र: भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां संगीत कॉलेज और आईटीआई मैदान में भव्य स्टेडियम का निर्माण।
- सड़क एवं तटबंध: बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध का 51.72 किलोमीटर तक सुदृढ़ीकरण और सुरक्षात्मक कार्य।
- कनेक्टिविटी: एनएच-922 से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले जनेश्वर मिश्र पुल के पहुंच पथ का निर्माण और धनसोई बाजार बाईपास।
- सिंचाई: मलई बराज योजना और उद्वह सिंचाई योजनाओं के माध्यम से खेती को मिलेगा बल।
सात निश्चय-3: 1 करोड़ नौकरी और दोगुनी आय का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने मंच से ‘सात निश्चय-3’ (2025-2030) की प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 40 लाख को रोजगार दिया जा चुका है, लेकिन अगला लक्ष्य और भी बड़ा है।

योजना के महत्वपूर्ण घटक:
- रोजगार की बहार: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर। इसके लिए विशेष ‘युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग’ बनाया गया है।
- आय में वृद्धि: ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ के तहत बिहार की औसत प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य।
- औद्योगिक विकास: हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र और बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की योजना।
- महिला उद्यमिता: ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत सफल महिला उद्यमियों को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता।
- स्मार्ट विलेज: सभी गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट और हर घर की छत पर सोलर पैनल लगाने का कार्य ‘सात निश्चय-3’ का हिस्सा है।
सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण: 94 लाख परिवारों को बड़ी राहत
नीतीश कुमार ने जाति आधारित गणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को रोजगार के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक 83 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है और अगले महीने तक शेष परिवारों को भी राशि दे दी जाएगी।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों को रेखांकित करते हुए बताया कि बिहार में अब सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या 5.24 लाख हो गई है और 45 हजार नए पदों पर बहाली की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। मदरसों के शिक्षकों को भी अन्य सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन और सम्मान दिया जा रहा है।

VOB का नजरिया: क्या ‘समृद्धि यात्रा’ विकास की गति को स्थायी बनाएगी?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा बक्सर के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
- प्रशासनिक जवाबदेही: समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को पूरा करने का निर्देश देना सुशासन की दिशा में अच्छा संकेत है।
- केंद्र का सहयोग: 2024-25 के केंद्रीय बजट में बिहार को मिली विशेष सहायता (मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे) का जिक्र करना यह दर्शाता है कि डबल इंजन की सरकार अब विकास को लेकर गंभीर है।
- चुनौतियां: इतनी बड़ी संख्या में घोषित योजनाओं को ‘तय समय सीमा’ के भीतर पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती होगी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी संरचनाओं के मामले में।
विकसित बिहार का नया संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में बक्सर की जनता को भरोसा दिलाया कि पिछले दो दशकों में जो शांति और भाईचारे का माहौल बना है, उसी की नींव पर विकास की यह नई इमारत खड़ी होगी। 114वें बिहार दिवस के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम राज्य की गौरवमयी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ बक्सर की इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और ‘सात निश्चय-3’ के हर अपडेट को आप तक पहुँचाता रहेगा।


