नीतीश कुमार बोले- मैं नहीं बनना चाहता था सीएम, भाजपा के आग्रह पर स्वीकारा पद

 

बिहार में एनडीए के नेतृत्व में एक बार फिर सरकार बनने वाली है। कल अपराह्न 4.30 बजे नई सरकार का शपथग्रहण कार्यक्रम होगा। वहीं उपमुख्यमंत्री के पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है। रक्षा मंत्री राजनाथ का कहना है कि चर्चा के बाद उपमुख्यमंत्री तय होगा। वहीं इस बारे में नीतीश कुमार का कहना है कि जल्द ही सबको पता चल जाएगा। इसी बीच नीतीश कुमार का कहना है कि वे मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे।

एनडीए विधानमंडल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि वे मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे। उन्होंने कहा कि वे चाहते थे भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बने। लेकिन भाजपा के आग्रह पर उन्होंने इस पद को स्वीकार किया है। नेता चुने जाने के बाद वे राजभवन पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार गठन करने का निमंत्रण दिया है।

लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगे नीतीश कुमार
एनडीए ने जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार को रविवार को अपना नेता चुन लिया और इसके साथ ही कुमार के लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया। सूत्रों ने बताया कि एनडीए की संयुक्त बैठक में नीतीश कुमार को गठबंधन का नेता चुना गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बैठक के बाद राजभवन रवाना हो गए।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री आवास-एक, अणे मार्ग पर राजग के घटक दलों की संयुक्त बैठक हुई। इस बैठक में कुमार के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडणवीस, पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) नेता जीतन राम मांझी और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) पार्टी के नेता मुकेश सहनी शामिल हुए।

भाजपा के पर्यवेक्षक बनाये गए वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह पटना पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। इससे पहले भाजपा विधायक दल की बैठक को टाल दिया गया, जो सुबह 10 बजे होनी थी। मुख्यमंत्री आवास पर ही भाजपा विधायक दल की बैठक में कटिहार से नवनिर्वाचित विधायक तारकेश्वर प्रसाद को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। वहीं रेणु देवी को उपनेता चुना गया।

 

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