पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की जबर्दस्त जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तेजी से विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा में जुट गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद से ही सीएम लगातार अलग-अलग परियोजनाओं का जमीनी निरीक्षण कर रहे हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को उन्होंने सड़क परियोजनाओं की प्रगति का भी सीधा जायजा लिया।
महिला रोजगार योजना को मिली रफ्तार: 10 लाख जीविका दीदियों के खाते में आएंगे 10-10 हजार रुपये
राज्य सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025 के तहत बड़ी कार्रवाई करने जा रही है।
इस योजना के तहत—
- 10 लाख जीविका दीदियों के खाते में 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।
- इससे पहले 1 करोड़ 40 लाख महिलाओं को यह राशि मिल चुकी है।
सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सबसे प्रभावी पहलों में एक है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं डीबीटी के माध्यम से राशि ट्रांसफर करेंगे, जिसकी तैयारी ग्रामीण विकास विभाग ने पूरी कर ली है।
14 दिसंबर तक सभी पात्र महिलाओं को भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा: ग्रामीण विकास मंत्री
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा कि—
- 14 दिसंबर तक राज्य की सभी पात्र महिलाओं के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
- विभाग ने जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक भुगतान की मॉनिटरिंग के लिए खास व्यवस्था बनाई है।
- यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी लाभार्थी छूटे नहीं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की विशेष हिदायत पर योजना को तेज रफ्तार में लागू किया जा रहा है।
चुनाव जीतते ही तेज हुई विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग
नीतीश कुमार चुनाव में भारी बहुमत मिलने के बाद लगातार क्षेत्रीय दौरे, परियोजना निरीक्षण और विभागीय समीक्षा बैठकों में सक्रिय हैं।
- वे खुद सड़कों, पुलों, पेयजल, शिक्षा और पेंशन योजनाओं की प्रगति का फील्ड में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं।
- अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुँचे।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो नई सरकार के पहले चरण में तेज गति से काम करना नीतीश कुमार की “फुल एक्शन मोड” शैली का संकेत है।
महिला रोजगार योजना क्यों महत्वपूर्ण?
यह योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण, स्व-रोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी।
- जीविका दीदियों को छोटे व्यवसाय शुरू करने
- आय बढ़ाने
- और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में यह राशि काफी मदद करती है।
बिहार में आज जीविका समूह लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।


