
पटना, 3 अप्रैल: बिहार सरकार ने सचिवालय सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारियों के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत सैकड़ों रिटायर्ड पदाधिकारियों को उच्चतर वेतनमान और पेंशन पुनरीक्षण का लाभ दिया जाएगा। इस निर्णय को प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों के हित में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले से खासतौर पर उन अधिकारियों को राहत मिलेगी, जो सेवा अवधि के दौरान पदोन्नति या वेतनमान का पूरा लाभ नहीं ले पाए थे।
किन्हें मिलेगा लाभ?
अधिसूचना के अनुसार, 11 अप्रैल 2019 से 13 अक्टूबर 2023 के बीच सेवानिवृत्त हुए सचिवालय सेवा के अधिकारी इस योजना के दायरे में आएंगे। इन्हें “अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023” के तहत वैचारिक (Notional) आधार पर उच्च पदों का लाभ दिया जाएगा।
इन पदों के अनुसार तय हुआ नया वेतनमान
सरकार ने विभिन्न पदों के लिए उच्च वेतन स्तर निर्धारित किए हैं—
- संयुक्त सचिव: लेवल-13
- उप सचिव: लेवल-12
- अवर सचिव: लेवल-11
- प्रशाखा पदाधिकारी: लेवल-09
यह लाभ उन अधिकारियों को मिलेगा, जो इन पदों की योग्यता रखते थे लेकिन सेवा के दौरान औपचारिक रूप से पदोन्नत नहीं हो सके।
पेंशन में होगा बड़ा बदलाव
इस फैसले का सबसे बड़ा असर पेंशन पर पड़ेगा। अधिकारियों के अंतिम वेतन का पुनर्निर्धारण (Notional basis) किया जाएगा, जिसके आधार पर उनकी पेंशन को संशोधित किया जाएगा। इससे हर महीने मिलने वाली पेंशन राशि में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
कब से मिलेगा आर्थिक लाभ?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भले ही वेतन का पुनर्निर्धारण पिछली तारीखों से किया जाएगा, लेकिन वास्तविक आर्थिक लाभ 4 अक्टूबर 2025 से लागू होगा। इससे पहले की अवधि के लिए कोई एरियर (बकाया भुगतान) नहीं दिया जाएगा।
भुगतान और प्रक्रिया की जिम्मेदारी तय
इस पूरे काम की जिम्मेदारी महालेखाकार (AG) कार्यालय और वित्त विभाग को सौंपी गई है। वे व्यक्तिगत मामलों की जांच कर भुगतान सुनिश्चित करेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों को पहले से ACP/MACP या अन्य प्रोन्नति के तहत लाभ मिल चुका है, उनकी वर्तमान स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।
अधिकारियों में खुशी की लहर
सरकार के इस फैसले से लंबे समय से वेतन विसंगतियों के समाधान की मांग कर रहे सेवानिवृत्त अधिकारियों में खुशी का माहौल है। इसे प्रशासनिक न्याय और सम्मानजनक सेवानिवृत्ति की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि यह पहल न सिर्फ पूर्व अधिकारियों के हित में है, बल्कि इससे पूरे प्रशासनिक तंत्र में सकारात्मक संदेश जाएगा।


