बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री नितिन नवीन ने नीतीश मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। वे राज्य सरकार में पथ निर्माण विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। भारतीय जनता पार्टी की ओर से उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद उन्होंने मंत्रिमंडल से हटने का फैसला लिया है। उनके इस्तीफे के बाद राज्य की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सरकार में अहम भूमिका निभा चुके हैं नितिन नवीन
नितिन नवीन लंबे समय से भाजपा के सक्रिय और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। उन्होंने संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। नीतीश सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने पथ निर्माण और नगर विकास जैसे अहम विभागों में कई योजनाओं को गति दी। सड़कों के निर्माण, शहरी आधारभूत संरचना के विकास, आवास योजनाओं और नगर निकायों को मजबूत करने के उनके प्रयासों को उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ी भूमिका
भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में नितिन नवीन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। यह पद संगठन के लिहाज से काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इसके माध्यम से पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और संगठनात्मक फैसलों को देशभर में लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि वे अब पूरी तरह संगठनात्मक कार्यों पर फोकस करना चाहते हैं, इसी वजह से उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में उन्हें भाजपा अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है।
खाली हुए विभागों को लेकर अटकलें
नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद पथ निर्माण और नगर विकास एवं आवास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल कर इन विभागों के लिए नए मंत्री की घोषणा कर सकते हैं। फिलहाल भाजपा कोटे के किसी मंत्री को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
भाजपा संगठन में नए समीकरण
इधर, भाजपा भी बिहार में संगठनात्मक स्तर पर नए समीकरण बनाने की तैयारी में जुट गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन का इस्तीफा राज्य की राजनीति से ज्यादा राष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा कदम है। पार्टी आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय जिम्मेदारियां सौंप रही है।
राजनीति में अहम मोड़
कुल मिलाकर, नितिन नवीन का नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। एक ओर जहां राज्य सरकार में नए मंत्री के चयन को लेकर चर्चा तेज है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में उनकी नई भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।


