बिहार की राजनीति में रविवार को एक नए युग का सूत्रपात हुआ, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने ‘मौन’ तोड़कर सक्रिय राजनीति की दहलीज पर कदम रखा। 8 मार्च को जदयू की प्राथमिक सदस्यता लेने के बाद, सोमवार को निशांत पूरी तरह अपने पिता की राजनीतिक शैली में रंगे नजर आए। सफेद कुर्ता और पैरों में ‘क्रॉक्स’ चप्पल पहने निशांत जब जनता के बीच पहुँचे, तो कार्यकर्ताओं को उनमें नीतीश कुमार की परछाई दिखी।
भावुक क्षण: “मां होतीं तो और अच्छा लगता”
राजनीति में औपचारिक एंट्री के अगले ही दिन निशांत पटना के कंकड़बाग स्थित मंजु सिंह पार्क पहुँचे। अपनी दिवंगत मां मंजु सिन्हा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते समय निशांत बेहद भावुक हो गए।
- आशीर्वाद की शक्ति: उन्होंने रुंधे गले से कहा, “मां की बहुत याद आ रही है। आज राजनीति की नई शुरुआत पर उनका आशीर्वाद लेने आया हूँ। उनकी कमी हमेशा महसूस होती है, अगर वह आज साथ होतीं तो बात ही कुछ और होती।”
- सादगी का संदेश: निशांत का अपनी मां के प्रति यह जुड़ाव और सादगीपूर्ण व्यवहार सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
मिशन-38: बिहार नापने की तैयारी
निशांत कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल ‘ड्राइंग रूम’ की राजनीति करने नहीं आए हैं। उन्होंने अपने आगामी प्लान का खुलासा करते हुए बताया:
- प्रदेश दौरा: वह जल्द ही बिहार के सभी 38 जिलों की यात्रा शुरू करेंगे।
- संगठन की मजबूती: इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जदयू के जमीनी कार्यकर्ताओं से जुड़ना और पार्टी के संगठन को पंचायत स्तर तक मजबूत करना है।
- विरासत का भार: निशांत ने कहा कि उनके पिता ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास की जो लकीर खींची है, उसे वह और लंबी करने की कोशिश करेंगे।
सियासी वार-पलटवार: बीजेपी का स्वागत, राजद का तंज
निशांत की एंट्री ने बिहार के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
- सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम): उन्होंने निशांत का स्वागत करते हुए इसे जदयू का आंतरिक और स्वागत योग्य फैसला बताया। हालांकि, उन्होंने राबड़ी देवी के तीखे बयानों पर चुप्पी साधे रखी।
- विपक्ष का रुख: राजद की ओर से राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए इसे ‘बीजेपी का दबाव’ करार दिया था।
- पार्टी के भीतर: मंत्री संजय पासवान ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि निशांत की भूमिका पर अंतिम फैसला पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक में ही लिया जाएगा।
टी-20 वर्ल्ड कप की जीत पर दी बधाई
राजनीतिक चर्चाओं के बीच निशांत ने खेल के प्रति अपना प्रेम भी दिखाया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को टी-20 वर्ल्ड कप में मिली शानदार जीत के लिए पूरे देश की ओर से बधाई दी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गौरव का पल बताया, जो युवाओं को प्रेरित करेगा।
VOB का नजरिया: क्या ‘निशांत’ बनेंगे नीतीश के उत्तराधिकारी?
जब पत्रकारों ने निशांत से उनके मुख्यमंत्री बनने की कार्यकर्ताओं की इच्छा पर सवाल पूछा, तो उन्होंने केवल एक ‘रहस्यमयी मुस्कान’ दी और आगे बढ़ गए। यह मुस्कान बहुत कुछ कह जाती है। नीतीश कुमार ने हमेशा परिवारवाद का विरोध किया है, लेकिन निशांत का सक्रिय होना और सीधे 38 जिलों के दौरे का एलान करना यह संकेत देता है कि जदयू अब ‘पोस्ट-नीतीश’ युग की तैयारी कर रही है। क्या निशांत अपनी सादगी और पिता के विकास मॉडल के सहारे बिहार की जनता का दिल जीत पाएंगे? यह आने वाला वक्त तय करेगा।


