द वॉयस ऑफ बिहार | सुल्तानगंज (भागलपुर)
भागलपुर के सुल्तानगंज अंतर्गत शिवनंदनपुर गांव में सोमवार की दोपहर हुए मदन यादव गोलीकांड में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मामले में नामजद आरोपी पिंकू यादव उर्फ बहरा यादव ने खुद को बेगुनाह बताते हुए पूरे मामले को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। पिंकू यादव का दावा है कि जिस समय गांव में गोलीबारी हो रही थी, वह घटनास्थल से दूर अपने काम पर तैनात था।
CCTV फुटेज बनेगा बेगुनाही का ढाल?
आरोपी पिंकू यादव उर्फ बहरा यादव ने मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई पेश की। उसने बताया कि सोमवार दोपहर 2 से 3 बजे के बीच, जब मदन यादव को गोली लगने की घटना हुई, उस समय वह ‘सरस्वती टेंट हाउस’ में काम कर रहा था। आरोपी का दावा है कि टेंट हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी मौजूदगी और काम करने के साक्ष्य पूरी तरह सुरक्षित हैं, जो साबित करते हैं कि वह मौके पर मौजूद ही नहीं था।
“सजा काटकर आया हूं, अब मेहनत की खा रहा हूं रोटी”
पिंकू यादव ने भावुक होते हुए कहा कि वह अतीत में सजा काटकर बाहर आया है और अब अपनी पुरानी जिंदगी छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुका है। उसने बताया:
- वह वर्तमान में सरस्वती टेंट हाउस में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है।
- उसे पुराने विवादों के कारण इस गोलीकांड में जानबूझकर घसीटा जा रहा है ताकि उसकी नई शुरुआत को बर्बाद किया जा सके।
- उसने पुलिस प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच करने और झूठे आरोप हटाने की गुहार लगाई है।
क्या था मामला?
बता दें कि बीते सोमवार दोपहर शिवनंदनपुर गांव में आपसी विवाद या रंजिश के चलते मदन यादव को गोली मार दी गई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था और पीड़ित पक्ष की ओर से पिंकू यादव समेत अन्य पर आरोप लगाए गए थे।
पुलिस की भूमिका पर नजर
अब आरोपी द्वारा सीसीटीवी साक्ष्य पेश किए जाने के दावे के बाद सुल्तानगंज पुलिस के लिए मामला पेचीदा हो गया है। पुलिस अब इन तकनीकी साक्ष्यों की जांच करेगी ताकि यह साफ हो सके कि पिंकू यादव सच बोल रहा है या यह बचने की कोई नई पैंतरेबाजी है।
द वॉयस ऑफ बिहार की राय: किसी भी मामले में नामजदगी से पहले ठोस सबूत जरूरी हैं। अगर आरोपी के पास अपनी बेगुनाही के डिजिटल साक्ष्य हैं, तो पुलिस को इसकी गहराई से पड़ताल करनी चाहिए ताकि किसी बेगुनाह को सजा न मिले।


