
मिडिल ईस्ट में सीजफायर के बावजूद हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। United States और Iran के बीच तनाव कम होने के बजाय नए मोर्चे खुलते नजर आ रहे हैं।
दो अहम समुद्री रास्तों पर खतरा
एक तरफ Strait of Hormuz में अमेरिकी नाकेबंदी जारी है, वहीं दूसरी तरफ Yemen ने Bab al-Mandeb को बंद करने की धमकी दे दी है।
- हॉर्मुज: दुनिया के तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है
- बाब-अल-मंदेब: यूरोप-एशिया के बीच शिपिंग का प्रमुख मार्ग
अगर ये दोनों रास्ते बाधित होते हैं, तो वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हूती आंदोलन की चेतावनी
यमन के Ansar Allah (हूती आंदोलन) ने साफ संकेत दिए हैं कि:
- ईरान को नुकसान हुआ तो वे सैन्य कार्रवाई बढ़ाएंगे
- बाब-अल-मंदेब में जहाजों की आवाजाही रोक सकते हैं
विश्लेषक अहमद नागी के मुताबिक, यह कदम तेल की कीमतों पर भारी दबाव डाल सकता है और अमेरिका समेत कई देशों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
सीजफायर के बावजूद बढ़ता तनाव
करीब 40 दिनों की जंग के बाद 2 हफ्तों का सीजफायर हुआ है, लेकिन:
- अफगानिस्तान में बातचीत बेनतीजा रही
- समुद्री इलाकों में सैन्य गतिविधियां जारी हैं
- क्षेत्रीय सहयोगी देश भी सक्रिय हो गए हैं
ग्लोबल इकोनॉमी पर असर
अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो:
- तेल की कीमतों में तेज उछाल
- शिपिंग लागत में वृद्धि
- सप्लाई चेन में भारी बाधा
Persian Gulf से लेकर रेड सी तक फैला यह संकट दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
कुल मिलाकर, सीजफायर सिर्फ कागजों तक सीमित दिख रहा है, जबकि जमीनी हकीकत में मिडिल ईस्ट एक बड़े आर्थिक और सैन्य संकट की ओर बढ़ रहा है।


