बिहार में शिक्षक भर्ती के नए नियम: 100 अंकों की मेरिट और इंटरव्यू के बाद ही होगी नियुक्ति

पटना, 8 अप्रैल 2026: बिहार में मॉडल स्कूलों में शिक्षक बनने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा सख्त और प्रतिस्पर्धात्मक हो गई है। शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह अंक आधारित और बहु-स्तरीय बना दिया है, जिसमें उम्मीदवारों को कुल 100 अंकों की मेरिट प्रणाली में खुद को साबित करना होगा।

नई व्यवस्था का उद्देश्य योग्य, प्रशिक्षित और सक्षम शिक्षकों का चयन सुनिश्चित करना है, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

153 पदों पर होगी नियुक्ति

शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्य के विभिन्न मॉडल स्कूलों में कुल 153 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए चयन पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगा।

सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार होगा।

100 अंकों में तय होगी मेरिट

नई चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों का मूल्यांकन चार प्रमुख आधारों पर किया जाएगा। सभी को मिलाकर कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं:

  • शैक्षणिक योग्यता – 40 अंक
  • शिक्षण अनुभव – 30 अंक
  • साक्षात्कार (इंटरव्यू) – 20 अंक
  • अन्य उपलब्धियां/प्रदर्शन – 10 अंक

इन सभी अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।

योग्यता में डिग्री और उपलब्धियों को महत्व

शैक्षणिक योग्यता के तहत उम्मीदवारों की स्नातक, स्नातकोत्तर, बीएड/एमएड, एमफिल और पीएचडी जैसी डिग्रियों को महत्व दिया जाएगा।

इसके अलावा, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त पुरस्कारों को भी अंक दिए जाएंगे, जिससे उत्कृष्ट अभ्यर्थियों को अतिरिक्त लाभ मिल सके।

इंटरव्यू में भी दिखानी होगी काबिलियत

नई प्रक्रिया में इंटरव्यू को भी अहम हिस्सा बनाया गया है। इसके लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।

साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों की:

  • विषय पर पकड़
  • पढ़ाने की क्षमता
  • संप्रेषण कौशल
  • व्यक्तित्व

का मूल्यांकन किया जाएगा।

पांच सदस्यीय समिति करेगी चयन

भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए पांच सदस्यीय चयन समिति गठित की गई है। इसमें:

  • उप विकास आयुक्त (डीडीसी) – अध्यक्ष
  • जिलाधिकारी द्वारा नामित महिला पदाधिकारी
  • जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ)
  • जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य
  • केंद्रीय/नवोदय/सैनिक स्कूल के प्राचार्य

शामिल होंगे। डीईओ इस समिति में सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे।

आयु सीमा तय, दस्तावेजों की सख्त जांच

भर्ती प्रक्रिया में अधिकतम आयु सीमा 31 मार्च 2026 तक 50 वर्ष निर्धारित की गई है।

इसके साथ ही:

  • सभी दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य होगा
  • गलत जानकारी मिलने पर आवेदन रद्द किया जाएगा

पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर

शिक्षा विभाग का कहना है कि नई प्रणाली से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

इससे न केवल योग्य शिक्षकों का चयन होगा, बल्कि छात्रों को भी बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन मिल सकेगा।

क्या बदलेगा इस नई व्यवस्था से?

  • प्रतियोगिता बढ़ेगी
  • योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी
  • शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा
  • चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी

बिहार में शिक्षक भर्ती की यह नई नीति राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। आने वाले समय में इसका असर सीधे तौर पर स्कूलों की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य पर देखने को मिलेगा।

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