
गया, बिहार | आगामी पंचायत चुनाव को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव नए आरक्षण रोस्टर के तहत कराए जाएंगे, ताकि सभी वर्गों को संतुलित और उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता
गया के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत चुनाव, राज्य की राजनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंचायत स्तर पर लोकतंत्र को और मजबूत करना है।
नया आरक्षण रोस्टर क्यों जरूरी?
मंत्री ने बताया कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को लागू हुए करीब 10 साल हो चुके हैं। ऐसे में बदलते सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से रोस्टर तैयार करना जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव से पंचायत चुनाव में सभी वर्गों—SC, ST, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं—को बेहतर अवसर मिल सकेगा।
“सबको मिले उचित प्रतिनिधित्व”
दीपक प्रकाश ने जोर देते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पंचायत स्तर पर हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो। नया रोस्टर इसी दिशा में एक अहम कदम होगा, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री को लेकर अटकलों पर बयान
प्रेस वार्ता के दौरान जब मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल किया गया, तो मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर अभी धैर्य रखने की जरूरत है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में स्थिति खुद स्पष्ट हो जाएगी।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का नेतृत्व अब भी मजबूत है और उनके नेतृत्व में राज्य ने पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय विकास देखा है।
ईद कार्यक्रम को लेकर भी दी सफाई
पटना के गांधी मैदान में आयोजित ईद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों पर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विकास कार्यों में व्यस्त थे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निशांत कुमार का कार्यक्रम में शामिल होना सामान्य बात है और इसे राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए।
अन्य राज्यों की राजनीति पर टिप्पणी
मंत्री दीपक प्रकाश ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए वहां चुनाव के दौरान होने वाली हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांति और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।
चुनाव को लेकर बढ़ी तैयारी
पंचायत चुनाव को लेकर सरकार की तैयारियां तेज हो गई हैं। नया आरक्षण रोस्टर लागू होने से चुनावी समीकरणों में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे कई क्षेत्रों में नई राजनीतिक तस्वीर उभरने की संभावना है।
क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि नए रोस्टर से पंचायत स्तर पर सामाजिक संतुलन बेहतर होगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को नेतृत्व का मौका मिलेगा।
कुल मिलाकर, बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव इस बार नए बदलावों और समीकरणों के साथ दिलचस्प होने जा रहे हैं, जहां आरक्षण रोस्टर की भूमिका अहम रहेगी।


