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नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण, पीएम मोदी बोले-डंके की चोट पर पुरानी गलतियां सुधार रहा है देश

ByRajkumar Raju

Jan 24, 2022

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर नेताजी को नमन करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेताजी ने देश को आत्मविश्वास और साहस के साथ जीना सिखाया।

उन्होंने अंग्रेजों से सीना ठोककर कहा था कि मैं आजादी को भीख के रूप में नहीं लूंगा बल्कि इसे हासिल करके रहूंगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कार ही नहीं बल्कि देश के महान व्यक्तित्व के योगदान को भी मिटाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज़ादी के दशकों बाद अब हम डंके की चोट पर पुरानी गलतियों को सुधारने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

नेताजी ने जो ठाना, उसे हासिल किया

पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा कालखंड ऐतिहासिक है क्योंकि हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। अभी हम इंडिया गेट पर नेताजी की भव्य प्रतिमा डिजिटल स्वरूप में स्थापित कर रहे हैं मगर जल्द ही इसी स्थान पर नेताजी की ग्रेनाइट की बनी विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। नेताजी को आजादी का महानायक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सही मायने में उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के दौरान नेताजी ने अपनी असली ताकत का परिचय दिया।

यदि हम उनके जीवन को देखें तो इससे साफ पता चलता है कि वे जब भी किसी काम को करने के बारे में ठान लेते थे तो उसे अंजाम पर पहुंचाकर ही दम लेते थे। देश के लोगों को नेताजी से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनसे प्रेरणा लेकर हम आगे का सफर सफलतापूर्वक तय कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने ही नेताजी से जुड़ी हुई फाइलों को सार्वजनिक किया।

पिछली गलतियों को सुधारने में जुटा देश

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि पिछली गलतियों से नसीहत लेकर अब हम आगे बढ़ने की कोशिश में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश अपनी पुरानी गलतियों को सुधारने की कोशिश में लगा हुआ है और इस काम में कोई भी अड़ंगा नहीं लगा सकता।

आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान देश ने अपनी पहचान और प्रेरणाओं को फिर से जिंदा करने का संकल्प लिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश को आजादी मिलने के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही देश के लिए महान योगदान करने वाले लोगों को भुलाने की कोशिश की गई। अब हम डंके की चोट पर उन पुरानी गलतियों को सुधारने में जुट गए हैं।

आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीरता जरूरी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले साल से हमने नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की है। पराक्रम दिवस के मौके पर ही आज आपदा प्रबंधन से पुरस्कार की भी शुरुआत की गई है। देश में आपदा प्रबंधन को लेकर कभी गंभीर रवैया नहीं अपनाया गया। 2001 में गुजरात में भयंकर भूकंप आने के बाद देश इस बारे में गंभीरता से सोचने के लिए विवश हुआ।

उन्होंने कहा कि गुजरात में सबसे पहले इस बाबत कानून बनाया गया और बाद में 2005 में केंद्र सरकार की ओर से भी डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट बनाया गया। बाद में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी का भी गठन किया गया। मौजूदा समय में देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और इस कमेटी के गठन से हमें कोरोना से जंग लड़ने में काफी मदद मिली है।

आपदा प्रबंधन पुरस्कार भी बांटे

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने 2019, 2020, 2021 और 2022 के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार भी प्रदान किए। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। शाह ने कहा कि नेताजी का जीवन युगों-युगों तक देश के लोगों को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया है। आजादी के इस महानायक का योगदान देश कभी नहीं भुला सकता।