पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा और अंचल कार्यालयों के औचक निरीक्षण को लेकर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व प्रशासन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और अन्य राजस्व सेवाओं के मामलों का समयबद्ध निष्पादन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही पाई गई तो संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
26 अधिकारियों की टीम ने किया औचक निरीक्षण
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राजस्व मुख्यालय में पटना जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ 26 अधिकारियों की टीम द्वारा अंचल कार्यालयों का औचक निरीक्षण कराया गया है।
उन्होंने कहा कि इस निरीक्षण का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाना है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जहां सुधार की आवश्यकता होगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व व्यवस्था को दलाल-मुक्त, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया जाए, ताकि आम लोगों को अपने काम के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रधान सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक
शनिवार को पटना के पुराना सचिवालय स्थित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यालय में पटना जिले के अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने की। इस दौरान परिमार्जन प्लस के लंबित आवेदन, दाखिल-खारिज और अपील वाद, बिहार भूमि विवाद समाधान अधिनियम 2009 के तहत लंबित मामलों, लगान की स्थिति, सैरात बंदोबस्ती तथा अन्य राजस्व मामलों की समीक्षा की गई।
प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए।
राजस्व लक्ष्य पूरा करने का निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस माह निर्धारित राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि लगान वसूली सहित अन्य राजस्व से जुड़े लक्ष्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
बैठक के बाद मुख्यालय स्तर से 26 अधिकारियों की टीम गठित कर अंचल एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को सोमवार तक अपनी रिपोर्ट मुख्यालय में जमा करने को कहा गया है।
बैठक में विभाग के सचिव गोपाल मीणा, जय सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत, अपर सचिव अजीव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।


