राजस्व वसूली में लापरवाही: परिवहन विभाग का कड़ा एक्शन; भागलपुर-पटना समेत 40 अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस

पटना | 26 फरवरी, 2026: बिहार के परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहने पर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने लक्ष्य प्राप्ति में भारी लापरवाही बरतने के आरोप में राज्य के 40 अधिकारियों को ‘शो-कॉज’ (कारण बताओ) नोटिस जारी किया है। इनमें जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO), मोटर यान निरीक्षक (MVI) और प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI) शामिल हैं।

लक्ष्य बनाम हकीकत: भागलपुर और छपरा में सबसे खराब स्थिति

​विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में राजस्व वसूली की स्थिति बेहद निराशाजनक रही है, जहाँ लक्ष्य का महज 8 से 14 प्रतिशत ही हासिल किया जा सका है।

प्रमुख जिलों का रिपोर्ट कार्ड:

जिला/पदधिकारी

राजस्व लक्ष्य (लाख में)

वसूली प्रतिशत

भागलपुर (जनार्दन कुमार)

200 लाख रुपये

मात्र 8%

छपरा (लतीफुर अंसारी)

400 लाख रुपये

8.2%

मधुबनी (राम बाबू)

200 लाख रुपये

8.6%

मुजफ्फरपुर (कुमार सत्येंद्र यादव)

300 लाख रुपये

9.2%

पटना (उपेंद्र कुमार पाल)

41 लाख रुपये

10%

सीतामढ़ी (प्रशांत कुमार)

160 लाख रुपये

10%

अरवल (अमनप्रीत सिंह)

150 लाख रुपये

14.6%

तीन दिनों का अल्टीमेटम और विभागीय कार्रवाई

​परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि अधिकारियों को सुधार के लिए दो महीने का समय दिया गया था, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिखा।

  • जवाबदेही: सभी 40 अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
  • कड़ी चेतावनी: जवाब संतोषजनक न होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
  • परफॉर्मेंस आधारित पदस्थापन: मंत्री ने साफ कर दिया है कि भविष्य में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति और पदस्थापन उनके कार्य-प्रदर्शन (Performance) के आधार पर ही होगी।

इन अधिकारियों को भी थमाया गया नोटिस

​विभाग ने DTO स्तर के अलावा ADTO, MVI और ESI स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई की है:

  1. ADTO स्तर: किशनगंज के सलीम प्रशांत, मधुबनी के उपेन्द्र राव, और पटना के पिंकू कुमार सहित मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, भोजपुर और सिवान के अधिकारी।
  2. MVI स्तर: मुजफ्फरपुर के सिधु कुमार, बेतिया के अनुप कुमार सिंह, और नवादा के पार्थ सारथी सहित अन्य।
  3. ESI स्तर: भोजपुर, सुपौल, मधुबनी, बेतिया, बक्सर, मुजफ्फरपुर और मधेपुरा सहित कुल 10 जिलों के प्रवर्तन अवर निरीक्षक।

VOB का नजरिया: क्या केवल नोटिस से बदलेगी तस्वीर?

​परिवहन विभाग ने पिछले कुछ महीनों में लाइसेंस और निबंधन के लंबित मामलों को निपटाने में सफलता पाई है, लेकिन राजस्व वसूली का 10% के आसपास सिमटना चिंताजनक है। आगामी 15 दिनों में दोबारा होने वाली समीक्षा यह तय करेगी कि क्या अधिकारी जमीनी स्तर पर सुधार ला पाते हैं या उन पर कार्रवाई की गाज गिरेगी। सरकारी खजाने को लक्ष्य के अनुरूप भरना विभाग की प्राथमिकता है, लेकिन इसमें अधिकारियों की कार्यशैली अब सबसे बड़ी बाधा बनती दिख रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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