NEET UG 2026 Re-Exam समाप्त: छात्रों ने कहा- फिजिक्स ने बढ़ाई टेंशन, बायोलॉजी रही आसान

पटना: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। बिहार के 35 जिलों में बनाए गए 331 परीक्षा केंद्रों पर करीब 1.56 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों ने प्रश्नपत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। अधिकांश परीक्षार्थियों का कहना था कि इस बार का पेपर पिछले वर्ष की तुलना में कम पेचीदा लेकिन फिजिक्स का सेक्शन अपेक्षाकृत कठिन रहा।

बायोलॉजी आसान, फिजिक्स ने बढ़ाई मुश्किलें

पटना के मिलर स्कूल परीक्षा केंद्र से बाहर निकली परीक्षार्थी उजैना नैसर ने बताया कि उनका पेपर अच्छा गया। उन्होंने कहा कि बायोलॉजी का सेक्शन काफी आसान था, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री में मॉडरेट स्तर के प्रश्न पूछे गए।

उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग 150 प्रश्नों का उत्तर दिया है और उम्मीद है कि इस बार सामान्य वर्ग का कटऑफ करीब 620 अंकों तक जा सकता है।

छात्रों ने बताया कॉन्सेप्ट आधारित था पेपर

परीक्षार्थी मृणाल कुमार चंचल ने कहा कि इस बार का प्रश्नपत्र रटने वाले छात्रों की बजाय विषय को समझने वाले छात्रों के लिए अधिक अनुकूल था।

उनके अनुसार पिछले वर्ष लंबे और जटिल प्रश्न पूछे गए थे, जबकि इस बार अधिकतर सवाल कॉन्सेप्ट आधारित थे। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों की विषय पर पकड़ मजबूत होगी, उन्हें निश्चित रूप से फायदा मिलेगा।

फिजिक्स सबसे कठिन विषय रहा

कई छात्रों ने फिजिक्स को सबसे चुनौतीपूर्ण विषय बताया। परीक्षार्थी रिद्धि ने कहा कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री की तुलना में फिजिक्स का स्तर काफी कठिन था।

उन्होंने बताया कि फिजिक्स के कारण समय प्रबंधन प्रभावित हुआ और कई प्रश्नों को छोड़ना पड़ा। वहीं केमिस्ट्री के कुछ सवाल लंबे और पेचीदा थे, जिससे छात्रों का अतिरिक्त समय खर्च हुआ।

नेगेटिव मार्किंग को लेकर भी चिंता

परीक्षार्थी अदिति ने बताया कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री आसान लगी, लेकिन फिजिक्स के कुछ प्रश्नों को लेकर उन्हें नेगेटिव मार्किंग का डर है।

उन्होंने कहा कि इस बार लगभग 550 अंकों से अधिक के प्रश्न हल किए हैं और अच्छे परिणाम की उम्मीद है।

सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद

उन्नति सिंह ने बताया कि इस बार का प्रश्नपत्र पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा कठिन था। उन्होंने कहा कि बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान रही, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री ने छात्रों की परीक्षा ली।

उन्नति ने कहा कि उन्होंने केवल उन्हीं प्रश्नों का उत्तर दिया जिनमें उन्हें पूरा विश्वास था और उन्हें उम्मीद है कि इस बार सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल सकता है।

बिहार में कड़े सुरक्षा इंतजाम

NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। राज्य के 35 जिलों में 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। केवल पटना में ही 95 केंद्रों पर लगभग 46 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

परीक्षा केंद्रों पर विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच, पहचान सत्यापन और सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।

अतिरिक्त समय का मिला लाभ

इस बार अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया गया। दोपहर 2 बजे शुरू हुई परीक्षा शाम 5:15 बजे समाप्त हुई।

एनटीए के अनुसार बायोमेट्रिक सत्यापन और उपस्थिति दर्ज करने में लगने वाले समय की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय दिया गया, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

क्या रहेगा कटऑफ?

परीक्षा के बाद छात्रों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कटऑफ में बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि फिजिक्स के कठिन स्तर के कारण कुछ अंकों की गिरावट संभव मानी जा रही है।

अब लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें NEET UG 2026 के परिणाम पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि किस छात्र का मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का सपना पूरा होगा।

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