परिवार केस दर्ज नहीं कराना चाहता था, अब जांच CBI को सौंपी गई
पटना।शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पटना पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। SSP कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच के दौरान अस्पताल से “लामा रिपोर्ट” जब्त की गई है, जिसे केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है।
CCTV से सामने आई छात्रा की आखिरी गतिविधि
- हॉस्टल का DVR सीज कर लिया गया है।
- 5 जनवरी को दोपहर में छात्रा अपनी एक दोस्त के साथ कमरे में जाती दिखी।
- इसके बाद वह दो मिनट के लिए बाहर आई, फिर दोबारा कमरे से बाहर नहीं निकली।
- 6 जनवरी की सुबह जब नाश्ते के लिए आवाज दी गई तो कोई जवाब नहीं मिला।
- इसके बाद हॉस्टल स्टाफ ने दरवाजा तोड़ा, जहां छात्रा बेहोश मिली।
हॉस्टल पहुंचने से पहले छात्रा पटना जंक्शन के CCTV कैमरे में भी दिखी थी। जिस ऑटो से वह हॉस्टल आई थी, उसके ड्राइवर से भी पूछताछ की गई है।
दवा खरीदने का एंगल
सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि छात्रा ने पटना लौटते समय अरवल मोड़ के पास से एक दवा खरीदी थी और उसी का सेवन किया था।
इस पहलू की मेडिकल और फॉरेंसिक स्तर पर जांच चल रही है।
27 दिसंबर से 5 जनवरी तक घर पर थी छात्रा
जांच में सामने आया कि छात्रा 27 तारीख से 5 जनवरी तक अपने घर पर ही थी।
इस दौरान
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड
- लोकेशन डेटा
- डिजिटल साक्ष्य
की जांच की गई है।
पुलिस का दावा है कि उस दौरान सब कुछ सामान्य था।
पोस्टमार्टम के बाद बदली कहानी
पहले पुलिस ने इसे सुसाइड बताया था।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने माना कि छात्रा के साथ यौन शोषण हुआ है।
- फॉरेंसिक जांच में कपड़ों से स्पर्म मिला।
- 18 लोगों के DNA सैंपल लिए गए, लेकिन कोई मैच नहीं हुआ।
इसके बाद सरकार ने केस की जांच CBI को सौंप दी।
SSP का बयान: यौन हिंसा से इनकार नहीं
SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा—
“घटना के बारे में सबसे पहले पीड़िता के परिवार को जानकारी दी गई थी। यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता है। परिवार ने हमें लड़की के 5 कपड़े दिए थे, जिनमें से एक से स्पर्म मिला है।”
उन्होंने यह भी माना कि चित्रगुप्त नगर थाना स्तर पर लापरवाही हुई, जिसके बाद संबंधित SHO पर कार्रवाई की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अफरा-तफरी
करीब 15 मिनट तक पटना पुलिस ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी।
IG ने कहा— अब यह केस CBI के पास है।
पत्रकारों के सवालों पर SSP कार्तिकेय शर्मा ने “नो कमेंट्स” कहा।
इसके बाद सभी अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर निकल गए। बाहर भी जब सवाल पूछे गए तो वे तेज़ी से अपनी गाड़ियों में बैठकर रवाना हो गए।
अब पूरे मामले की निगरानी CBI करेगी। सवाल यही है—
क्या सच सामने आएगा या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?


