जहानाबाद / पटना।पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब राज्यव्यापी आंदोलन बन चुका है। न्याय की मांग को लेकर मृतका के गांव पत्तियांवा से लेकर जहानाबाद जिला मुख्यालय तक विशाल पैदल न्याय मार्च निकाला गया।
इस मार्च में छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं और कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। बिहार के कई जिलों से पहुंचे लोगों ने साफ संदेश दिया—यह अब सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की परीक्षा है।
पप्पू यादव का बड़ा आरोप
न्याय मार्च में शामिल सांसद पप्पू यादव ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा—
“यह जांच नहीं, साजिश है। पुलिस जानबूझकर असली दोषियों को बचा रही है और पीड़ित परिवार को ही कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।”
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में पुलिस, कुछ नेताओं और अपराधियों का गठजोड़ सामने आया है। यही वजह है कि अब तक किसी पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
हॉस्टल मालिक और वार्डन पर संदेह
सांसद ने कहा कि उपलब्ध सबूत सीधे तौर पर हॉस्टल मालिक और वार्डन की भूमिका की ओर इशारा करते हैं, लेकिन पुलिस इन तथ्यों को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि अहम सुरागों को दबाया गया है और जांच को जानबूझकर गलत दिशा में मोड़ा जा रहा है।
“सड़क से सदन तक, फिर सुप्रीम कोर्ट”
पप्पू यादव ने कहा—
“मैं इस लड़ाई को सड़क से सदन तक उठा चुका हूं। अगर जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, यह संघर्ष जारी रहेगा।”
जनाक्रोश अब आंदोलन में बदला
न्याय मार्च में उमड़ी भीड़ यह बताती है कि अब यह मामला पूरे बिहार के लिए इंसाफ बनाम सिस्टम की लड़ाई बन चुका है। लोगों ने एक स्वर में मांग की कि—
- मामले की निष्पक्ष जांच हो
- दोषियों को सख्त सजा मिले
- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए
अब सभी की निगाहें सरकार और पुलिस के अगले कदम पर टिकी हैं।


