शहर में शुरू हुआ नीरा विक्रय केंद्र: अब भागलपुर में भी मिलेगा स्वास्थ्यवर्धक पेय

सरकार द्वारा नीरा संग्रहण एवं बिक्री को बढ़ावा देने के लिए अनुदान योजना लागू

भागलपुर, 03 मई 2025:भागलपुरवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें स्वास्थ्यवर्धक और ठंडा नीरा शहर में ही उपलब्ध हो सकेगा। जीविका एवं मद्य निषेध विभाग के सहयोग से भागलपुर में दो स्थानों पर नीरा विक्रय केंद्र की शुरुआत की गई है। यह केंद्र भागलपुर रेलवे स्टेशन परिसर एवं सैंडिस कंपाउंड के मुख्य द्वार के पास स्थापित किए गए हैं।

नीरा, जो ताड़, खजूर या नारियल के पेड़ों से सूर्योदय से पहले निकाला जाने वाला मीठा और पौष्टिक पेय है, अब लोगों की सेहत का साथी बनने जा रहा है। यह नशा रहित और स्वादिष्ट पेय न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

सरकार का सहयोग और अनुदान योजना
राज्य सरकार नीरा संग्रहण और विक्रय को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान योजना चला रही है। इस योजना के अंतर्गत नीरा उत्पादकों को 8 रुपये प्रति लीटर तथा पेड़ मालिकों को 3 रुपये प्रति लीटर की दर से अनुदान दिया जा रहा है।

  • एक नीरा संग्रहक को अधिकतम ₹15,600 तक का लाभ मिल सकता है।
  • पेड़ मालिकों को अधिकतम ₹5,850 तक की अनुदान राशि दी जा सकती है।

नीरा उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित करने का लक्ष्य
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक श्री सुनिर्मल गरेन ने जानकारी दी कि जिले में कुल 324 परिवार नीरा संग्रहण एवं विपणन में सक्रिय रूप से शामिल हैं। इन सभी परिवारों को जीविका के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है और उन्हें नीरा उत्पादक समूह से जोड़ा गया है।

प्रत्येक संग्रहक को 10 ताड़ के पेड़ों के साथ मैप किया गया है। इन पेड़ों को पीले रंग से चिह्नित कर उनमें संबंधित संग्रहकों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। इस वर्ष जिले में कुल 6 लाख 19 हजार लीटर नीरा संग्रहण एवं विक्रय का लक्ष्य रखा गया है।

नीरा: स्वास्थ्य का अमृत
नीरा एक शुद्ध, प्राकृतिक और नशा रहित पेय है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और अनेक रोगों से लड़ने में मदद करता है। सरकार की इस पहल से न केवल ग्रामीण रोजगार में वृद्धि होगी, बल्कि लोगों को एक सेहतमंद पेय विकल्प भी उपलब्ध होगा।


 

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