भागलपुर। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने चुनावी रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में रविवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिला मुख्यालय पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें एनडीए के सभी घटक दलों के जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में घोषणा की गई कि 8 सितंबर को भागलपुर जिले के पिरपैंती में एनडीए विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा। इस सम्मेलन में एनडीए के पांचों घटक दलों के पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे।
मुख्य उद्देश्य
नेताओं ने बताया कि सम्मेलन का मकसद केवल कार्यकर्ताओं का जुटान नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दो दशकों के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना है। एनडीए पदाधिकारियों ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और विकास के अन्य क्षेत्रों में नई दिशा दी है। इन्हीं उपलब्धियों को लेकर कार्यकर्ता आने वाले दिनों में घर-घर प्रचार अभियान चलाएंगे।
पार्टी पदाधिकारियों के बयान
वक्ताओं ने कहा—
“यह सम्मेलन जनता तक एनडीए की नीतियों और उपलब्धियों को पहुंचाने का बड़ा अभियान है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियां ही बिहार में विकास और स्थिरता की गारंटी हैं।”
नेताओं ने दावा किया कि एनडीए का लक्ष्य साफ है—
2025 से 2030 तक फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना।
225 सीटों के साथ विधानसभा में बहुमत हासिल करना।
सम्मेलन को लेकर उत्साह
कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस सम्मेलन में नीतीश कुमार सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया जाएगा ताकि आम जनता समझ सके कि बिहार का विकास केवल एनडीए की सरकार में संभव है।
प्रेस वार्ता में समाजसेवी विजय यादव, लोक जनशक्ति पार्टी (रा.) के अमर कुशवाहा समेत विभिन्न दलों के कई नेता मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि पिरपैंती का यह सम्मेलन एनडीए के लिए ऐतिहासिक साबित होगा और आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा तय करेगा।


