होम्योपैथी डॉक्टर बन नक्सली कर रहा था लोगों का इलाज, रीजनल कमांडर बड़का विकास गिरफ्तार

बिहार के औरंगाबाद जिले की पुलिस को भारी सफलता हाथ लगी है. कई वर्षों से फरार चल रहे मोस्ट वांटेड नक्सली रीजनल कमांडर को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार रीजनल कमांडर होम्योपैथी डॉक्टर के रूप में अपनी पहचान छुपाकर सेवाएं दे रहा था.

औरंगाबाद से नक्सलियों का रीजनल कमांडर गिरफ्तार: गिरफ्तार रीजनल कमांडर की पहचान विकास यादव उर्फ बड़का विकास उर्फ विकास जी उर्फ राहुल यादव के रूप में की गई है. औरंगाबाद पुलिस एवं जिला विशेष कार्यालय की संयुक्त कार्रवाई के दौरान रविवार को देव थाना कांड संख्या 95 /19 का नामजद अभियुक्त रीजनल कमांडर राहुल यादव उर्फ विकास जी उर्फ बड़का विकास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई: औरंगाबाद सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी 02 अमित कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर जिले के रफीगंज शहर से रीजनल कमांडर को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार रीजनल कमांडर विकास जी को रफीगंज शहर के एक शोरूम के पास से गिरफ्तार किया गया है.

गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई: औरंगाबाद सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी 02 अमित कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर जिले के रफीगंज शहर से रीजनल कमांडर को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार रीजनल कमांडर विकास जी को रफीगंज शहर के एक शोरूम के पास से गिरफ्तार किया गया है.

“गिरफ्तार नक्सली की पहचान गया जिला के आंती थाना क्षेत्र के तुलसी बीघा कंचनपुर टोला निवासी वासुदेव यादव के 53 वर्षीय पुत्र राहुल यादव उर्फ विकास जी उर्फ बड़का विकास के रूप में की गई है. बड़का विकास की लंबे समय से पुलिस को तलाश थी. विकास जी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.”अमित कुमार, एसडीपीओ 02, सदर औरंगाबाद

2019 में भाग निकला था बड़का विकास: औरंगाबाद सदर एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई औरंगाबाद एसपी अबंरीश राहुल के निर्देशन पर गठित एसआईटी और एसटीएफ के संयुक्त टीम के द्वारा की गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें पुलिस ने तीन नक्सलियों को मार गिराया था. उस घटना में विकास जी भाग निकला था.

होम्योपैथिक दवाखाना चला रहा था नक्सली:गिरफ्तार नक्सली के खिलाफ गया, औरंगाबाद और नवादा समेत राज्य के अन्य जिलों के विभिन्न स्थानों में दो दर्जन से अधिक नक्सली कांड दर्ज हैं. मिली जानकारी के अनुसार कुछ माह पहले ही यह जेल से छूटकर आया था और होम्योपैथिक दवाखाना चला रहा था. छापामारी दल में अमित कुमार, देव थाना के एसआई सूरज कुमार, रफीगंज थाना के एसआई वर्षा कुमारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे.

  • ये भी पढ़े..

    LNJP अस्पताल के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का बड़ा एक्शन, दो डॉक्टरों को शो-कॉज नोटिस

    Share Add as a preferred…

    खान सर से जुड़े मामले में पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई पूरी, जमानत याचिका पर फैसला 10 जुलाई तक सुरक्षित

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *