बक्सर का नवानगर बना नया औद्योगिक हब, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने किया निरीक्षण; बड़ी कंपनियों का निवेश, 10 हजार रोजगार की उम्मीद

बिहार का बक्सर जिला अब तेजी से एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। नवानगर क्षेत्र, जिसे पहले कृषि प्रधान इलाका माना जाता था, अब BIADA द्वारा विकसित 270 एकड़ के स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) के कारण एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल हब बनने की ओर बढ़ रहा है। रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृहमंत्री सम्राट चौधरी यहां पहुंचे और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का विस्तृत निरीक्षण किया।

इथेनॉल से लेकर कोका-कोला–पेप्सी तक, कई कंपनियों की एंट्री
बियाडा द्वारा विकसित इस बड़े औद्योगिक क्षेत्र में कई कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है।
– इथेनॉल उत्पादन इकाइयाँ
– कोका-कोला
– पेप्सी
– ब्रिटानिया
सहित कई अन्य प्रमुख कंपनियाँ यहां अपनी इकाइयाँ स्थापित कर रही हैं। यह क्षेत्र आने वाले दिनों में बिहार के सबसे बड़े औद्योगिक ज़ोन में शामिल हो सकता है।

वन्य संरक्षण उद्यान भी बन रहा, काले हिरण को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
नवानगर में उद्योगों के साथ-साथ वन्य संरक्षण उद्यान (Wildlife Conservation Park) भी तैयार किया जा रहा है। इसमें काले हिरण (Black Buck) को सुरक्षित आश्रय देने की योजना है। इससे क्षेत्र में इको-टूरिज़्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

10 हजार रोजगार की संभावना
उद्योग विभाग का अनुमान है कि नवानगर में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों से लगभग 10 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। यह बक्सर और आसपास के इलाकों के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर है।

मुख्यमंत्री ने समस्याएँ सुनीं, समाधान का आश्वासन दिया
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने विभिन्न इकाइयों की स्थिति देखी, अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार उद्योगों के विस्तार, निवेशकों को सुरक्षा और सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इथेनॉल कंपनी की चिंता—“केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी”
निरीक्षण के दौरान इथेनॉल प्लांट की CMD ने बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच समन्वय की कमी के चलते कंपनी पिछले छह महीनों से बंद होने के कगार पर है। उन्होंने अपनी समस्याओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी और त्वरित समाधान की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कंपनी की बातों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि उद्योगों को किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और आवश्यक समन्वय स्थापित कर समाधान निकाला जाएगा।

नवानगर का यह औद्योगिक हब बनने की दिशा में कदम बिहार के औद्योगिक भविष्य और निवेश माहौल को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

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