
द वॉयस ऑफ बिहार | नवगछिया (19 फरवरी 2026)
नवगछिया अनुमंडल के सिंधिया मकंदपुर निवासी ममता सिंह ने अपनी पुश्तैनी जमीन की कथित अवैध बिक्री और दाखिल-खारिज में हुई भारी अनियमितता को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। ममता सिंह ने गोपालपुर के अंचलाधिकारी सहित 6 लोगों के खिलाफ नालसीवाद दायर किया है।
करोड़ों की जमीन पर धोखाधड़ी का आरोप
- आपसी बंटवारा नहीं: पीड़िता ममता सिंह का आरोप है कि धरहरा मौजा स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन (कुल रकबा लगभग 4 एकड़ 29 डिसमिल) का अब तक कानूनी रूप से कोई बंटवारा नहीं हुआ है।
- अवैध बिक्री: आरोप है कि उनकी ननद रिंकी देवी ने पारिवारिक सहमति के बिना उनके हिस्से की जमीन को विकास कुमार भारती और शुभम कुमार के हाथों बेच दिया।
- गबन की साजिश: ममता सिंह ने अपनी करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति को हड़पने और गबन करने की नीयत से रची गई इस साजिश के खिलाफ शिकायत की है।
प्रशासनिक मिलीभगत और ‘मोटी रकम’ का दावा
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप गोपालपुर अंचल कार्यालय के अधिकारियों पर लगे हैं:
- एकतरफा फैसला: पीड़िता का दावा है कि उन्होंने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया के दौरान विधिवत आपत्ति दर्ज कराई थी।
- रिश्वत का आरोप: ममता सिंह के अनुसार, अंचलाधिकारी रौशन कुमार और राजस्व कर्मचारी बबलू कुमार ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये की मोटी रकम लेकर नियमों के विरुद्ध एकतरफा आदेश पारित कर दिया।
- दस्तावेज के साथ छेड़छाड़: आरोप है कि बिना दखल-कब्जा वाली जमीन का भी गलत तरीके से निबंधन और म्यूटेशन कर दिया गया।
न्यायालय से इंसाफ की गुहार
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने पहले स्थानीय पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर उन्होंने 18 फरवरी 2026 को नवगछिया न्यायालय में नालसीवाद (Case No. 322/2026) दायर किया।
अब यह मामला कोर्ट के अधीन है। राजस्व विभाग के अधिकारियों पर लगे इन आरोपों ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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