बिहार में कुदरत का ‘मिड-नाइट’ प्रहार! भागलपुर समेत 34 जिलों में आंधी-बारिश का तांडव; फसलें बर्बाद, बिजली गुल और आज ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’

समाचार के मुख्य बिंदु: आसमान से बरसी आफत, जनजीवन अस्त-व्यस्त

  • मिड-नाइट स्ट्राइक: भागलपुर में शुक्रवार देर रात करीब 1:00 बजे झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने दस्तक दी, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया।
  • व्यापक असर: बिहार के 34 जिलों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने तबाही मचाई; पटना समेत कई शहरों की बिजली घंटों गुल रही।
  • किसानों पर मार: भोजपुर और वैशाली समेत कई जिलों में गेहूं, आम और केले की फसलों को भारी नुकसान; कटी हुई फसलें खेतों में भीग गईं।
  • मौसम का मिजाज: बारिश के बाद तापमान में अचानक गिरावट आई है, जिससे मार्च के अंत में लोगों को फिर से सिहरन और ठंड का अहसास होने लगा है।
  • आज का अलर्ट: मौसम विभाग ने शनिवार के लिए भागलपुर, बांका और कटिहार समेत 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट (ओलावृष्टि और वज्रपात) जारी किया है।
  • VOB इनसाइट: यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए ‘आर्थिक वज्रपात’ की तरह है। मार्च का महीना फसल कटाई का होता है, ऐसे में ओलावृष्टि और तेज हवाएं साल भर की मेहनत पर पानी फेर सकती हैं।

भागलपुर | 28 मार्च, 2026

​सिल्क सिटी भागलपुर समेत बिहार के एक बड़े हिस्से में शुक्रवार की रात कुदरत का कहर देखने को मिला। जब लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक आए मौसम के बदलाव ने सबको झकझोर कर रख दिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और गरज के साथ हुई बारिश ने न केवल बिजली व्यवस्था को ठप किया, बल्कि रबी की फसलों को भी गंभीर चोट पहुँचाई है।

भागलपुर की स्थिति: 1:00 बजे की बारिश और ब्लैकआउट

​भागलपुर में शुक्रवार की रात करीब 1:00 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज गर्जना के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया।

मुख्य प्रभाव:

  1. बिजली संकट: सुरक्षा के मद्देनजर और तकनीकी खराबी के कारण शहर के अधिकांश फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। कई इलाकों में शनिवार सुबह तक अंधेरा छाया रहा।
  2. तापमान में गिरावट: दिन की तपिश के बाद रात की बारिश ने वातावरण को ठंडा कर दिया। लोगों को एक बार फिर पंखे बंद कर चादर ओढ़नी पड़ी।
  3. शहरी जलजमाव: निचले इलाकों में पानी भर जाने से सुबह की आवाजाही में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

फसलों की बर्बादी: अन्नदाता की बढ़ी चिंता

​यह बारिश किसानों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है।

  • भोजपुर: यहाँ गेहूं की तैयार फसल खेतों में बिछ गई है। आम के टिकोले (मंजर के बाद के फल) तेज हवा के कारण झड़ गए हैं, जिससे बागवानों को बड़ा घाटा हुआ है।
  • वैशाली: केले के बागानों में तेज हवा ने पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया है। आम की फसल को भी भारी क्षति पहुँची है।
  • प्रभावित फसलें: मुख्य रूप से गेहूं, सरसों, दलहन, आम, लीची और केला इस बेमौसम मार की चपेट में हैं।

आज की चेतावनी: कहाँ-कहाँ है ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट?

​मौसम विभाग ने शनिवार को भी राहत की कोई उम्मीद नहीं जताई है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूरे प्रदेश में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना बनी हुई है।

अलर्ट का प्रकार

प्रभावित जिले

संभावित खतरा

ऑरेंज अलर्ट (High Risk)

भागलपुर, बांका, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल

ओलावृष्टि, वज्रपात, 50 किमी/घंटा हवा

येलो अलर्ट (Caution)

पटना, गया, जमुई, मुंगेर, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा

मेघगर्जन, हल्की बारिश, 40 किमी/घंटा हवा

VOB का नजरिया: क्या प्रशासन तैयार है?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि बेमौसम बारिश अब एक ‘सालाना चुनौती’ बन गई है, जिसके लिए दूरगामी समाधान की जरूरत है।

  1. बिजली बुनियादी ढांचा: तेज हवा चलते ही घंटों बिजली गुल हो जाना यह दर्शाता है कि हमारा ट्रांसमिशन नेटवर्क अभी भी कमजोर है। इसे ‘अंडरग्राउंड केबलिंग’ के जरिए दुरुस्त करने की आवश्यकता है।
  2. कृषि मुआवजा: सरकार को तुरंत कृषि विभाग के माध्यम से क्षति का आकलन (Crop Loss Assessment) करवाना चाहिए और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए।
  3. जनता के लिए सलाह: वज्रपात (Lightning) के समय पेड़ों के नीचे न रहें और बिजली के उपकरणों का उपयोग कम से कम करें।

सुशासन और सुरक्षा की अग्निपरीक्षा

​कुदरत के इस प्रहार के बाद अब प्रशासन के सामने बिजली बहाल करने और सड़कों से गिरे हुए पेड़ों को हटाने की चुनौती है। शनिवार का दिन भागलपुर के लिए काफी संवेदनशील है, क्योंकि ऑरेंज अलर्ट ओलावृष्टि की ओर इशारा कर रहा है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) मौसम के हर अपडेट, बिजली बहाली की स्थिति और किसानों के लिए जारी होने वाली सरकारी एडवाइजरी की हर जानकारी आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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