पटना
राष्ट्रीय प्रेस दिवस–2025 के अवसर पर शनिवार को सूचना भवन, पटना के संवाद कक्ष में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार, मीडिया विशेषज्ञ और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस वर्ष का थीम था—
जो यह संकेत देता है कि तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में पत्रकारिता के सामने विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
नीना झा ने संभाला संचालन, बदलते मीडिया परिदृश्य पर की चर्चा
उप निदेशक नीना झा ने कार्यक्रम का संचालन किया और प्रेस की भूमिका, मीडिया ट्रेंड और जिम्मेदार पत्रकारिता पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज के समय में गलत सूचनाओं और अफवाहों की गति कई गुना बढ़ चुकी है, ऐसे में पत्रकारों का कर्तव्य पहले से अधिक संवेदनशील और महत्वपूर्ण हो गया है।
उन्होंने प्रेस दिवस के मूल उद्देश्य—स्वतंत्र, तथ्यपरक और जवाबदेह मीडिया—का महत्व बताते हुए कहा कि “पत्रकारिता केवल खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक दायित्व है।”
वरिष्ठ पत्रकारों का संबोधन—“विश्वसनीय प्रेस ही लोकतंत्र की रीढ़”
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ पत्रकारों ने मीडिया की चुनौतियों पर अपने दृष्टिकोण रखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि—
- फेक न्यूज,
- आधी-अधूरी सूचनाओं का प्रसार,
- सनसनी फैलाने की प्रवृत्ति
ने मीडिया की छवि को नुकसान पहुँचाया है।
पत्रकारों ने कहा कि विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अध्ययन, तथ्य-परख, निष्पक्षता, संवेदनशीलता और जमीनी रिपोर्टिंग बेहद आवश्यक है।
उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने सूचना तक पहुँच को आसान तो किया है, लेकिन इसके साथ मीडिया कर्मियों की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ गई हैं। आज पत्रकार को सटीक और सत्यापित सूचना देना ही उसकी सबसे बड़ी मजबूरी और प्राथमिकता दोनों है।
वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति, मीडिया की भूमिका पर खुली चर्चा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निम्न अधिकारी मौजूद रहे–
- संयुक्त सचिव विदुभूषण चौधरी
- संयुक्त निदेशक रविभूषण सहाय
- विशेष कार्य पदाधिकारी कुमारिल सत्यनंदन
- उप निदेशक लाल बाबू सिंह
- उप निदेशक सुनील पाठक
- सहायक निदेशक राजेश चंद्र
- सहायक निदेशक रंजीत कुमार
इसके अलावा विभिन्न मीडिया संस्थानों के संपादक, ब्यूरो चीफ और वरिष्ठ संवाददाता भी शामिल हुए। सभी ने पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों, प्रेस की स्वतंत्रता, और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
सम्मान समारोह के साथ कार्यक्रम संपन्न, लोकतंत्र के प्रहरी को मिली सराहना
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी पत्रकारों को सम्मानित किया गया। विभाग की ओर से उनके योगदान की सराहना की गई और उन्हें लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ प्रेस दिवस मनाना नहीं, बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता और जवाबदेही को और मजबूत करना था।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस 2025 का यह आयोजन इस संदेश के साथ समाप्त हुआ कि—


