जनसुराज की करारी हार पर बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह: “वोट बैंक एनडीए की तरफ गया, पैसे बांटे गए”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे 14 नवंबर को घोषित हुए, जिसमें एनडीए ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 243 में से 202 सीटें जीत लीं। दूसरी ओर महागठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमट गया। इन नतीजों के बीच सबसे बड़ा झटका प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को लगा, जिसने राज्य की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बावजूद एक भी सीट नहीं जीती

उदय सिंह का बड़ा बयान

चुनावी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने कहा कि इस नतीजे से घबराने या निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि “हमारा वोट बैंक अपनी बुद्धिमानी से एनडीए की तरफ चला गया, इसलिए सीटें नहीं आईं—इसमें कोई दिक्कत नहीं है।”
साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसा पहले भी हुआ है और आगे भी होता रहेगा।

एनडीए पर पैसे बांटने का आरोप

हार के कारणों पर बात करते हुए उदय सिंह ने दो बड़े कारण बताए:

  1. चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर पैसे बांटे गए, जिससे चुनाव की दिशा प्रभावित हुई।
  2. आरजेडी के शासन के डर से उनका पारंपरिक वोट बैंक एनडीए की तरफ चला गया।

उदय सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिस तरह से पैसे का इस्तेमाल हुआ, वह बेहद “गैर-लोकतांत्रिक” है और इसने चुनावी माहौल को प्रभावित किया।

मुस्लिम वोट पर भी प्रतिक्रिया

जब उनसे पूछा गया कि मुस्लिम मतदाताओं ने जनसुराज को समर्थन क्यों नहीं दिया, तो उदय सिंह ने माना कि
“जितनी उम्मीद थी, उतनी संख्या में हमारे मुसलमान भाई इस बार हमारे साथ नहीं जुड़े।”

हालांकि उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में यह स्थिति बदलेगी।

आगे की रणनीति

उदय सिंह ने कहा कि पार्टी अपराध, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों पर लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि जनसुराज अपने संगठन को और मजबूत बनाएगी और जनता के मुद्दों पर आवाज बुलंद करती रहेगी।


 

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