नाथनगर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग: आधा दर्जन घर जलकर राख, लाखों का नुकसान

भागलपुर, 19 अप्रैल 2026। भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र में रविवार को एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। गोसाईंदासपुर गांव के वार्ड संख्या 5 स्थित यादव टोला में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब आधा दर्जन घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में कई परिवारों की जिंदगी भर की जमा पूंजी कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की शुरुआत एक घर में बिजली के शॉर्ट सर्किट से हुई। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि यह आग इतनी तेजी से फैल जाएगी। लेकिन तेज हवा और घरों की सघन बस्ती के कारण आग ने कुछ ही देर में आसपास के कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और लपटों से घिर गया।

आग लगते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए घरों में फंसे लोगों, महिलाओं और छोटे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तुरंत नाथनगर थाना को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की।

करीब एक से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक कई घर पूरी तरह जल चुके थे। आग इतनी भीषण थी कि घरों में रखा सामान बचाने का मौका भी लोगों को नहीं मिल पाया।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि इस अग्निकांड में उनका सब कुछ खत्म हो गया है। रामजी यादव ने बताया कि उनके घर में रखा नकद पैसा, अनाज, कपड़े, फर्नीचर और जेवर—all कुछ जलकर राख हो गया। उन्होंने कहा कि अब उनके पास रहने और खाने तक की समस्या खड़ी हो गई है।

इसी तरह मिथुन यादव, राकेश यादव, छोटू यादव, उमेश यादव और पंकज यादव के घर भी इस आग की चपेट में आकर पूरी तरह बर्बाद हो गए। इन सभी परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कई लोग अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।

घटना के बाद इलाके में मातम जैसा माहौल है। जिन घरों में कुछ समय पहले तक रौनक थी, वहां अब सिर्फ राख और जले हुए सामान के अवशेष दिखाई दे रहे हैं। महिलाएं और बच्चे इस हादसे से काफी डरे हुए हैं और परिवारों के सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।

नाथनगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह ने बताया कि दमकल टीम की तत्परता के कारण आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, जिससे और अधिक नुकसान होने से बचा जा सका। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ित परिवारों को अंचलाधिकारी के पास आवेदन देने का निर्देश दिया गया है, ताकि उन्हें सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्रशासन की ओर से भी पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए लोगों को बिजली के उपकरणों और वायरिंग की नियमित जांच करानी चाहिए। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आग से सुरक्षा के लिए हमें कितनी सतर्कता बरतनी चाहिए। खासकर घनी बस्तियों में रहने वाले लोगों को अग्निशमन के प्राथमिक उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

कुल मिलाकर, नाथनगर का यह अग्निकांड कई परिवारों के लिए गहरा आघात लेकर आया है। अब सबकी नजर प्रशासन पर है कि वह पीड़ितों को कितनी जल्दी राहत पहुंचाता है और उनके पुनर्वास की व्यवस्था कैसे करता है।

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