नारायणपुर में अवैध क्लीनिकों और लैब पर प्रशासन का ‘हंटर’: जांच टीम को देख भागे संचालक; डीएम को भेजी गई रिपोर्ट

नारायणपुर/भागलपुर | 23 फरवरी, 2026: भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड में अवैध रूप से संचालित निजी क्लीनिकों, अल्ट्रासाउंड सेंटरों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को सीएचसी के डॉ. अंकित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने प्रखंड के विभिन्न केंद्रों पर अचानक छापेमारी की, जिससे संचालकों में हड़कंप मच गया।

छापेमारी की खबर से मचा हड़कंप: कई सेंटर हुए फरार

​जांच टीम जैसे ही सड़कों पर उतरी, कई क्लीनिक और लैब संचालक अपना संस्थान खुला छोड़कर या ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। टीम ने पाया कि बिना किसी वैध कागजात के ही कई सेंटर धड़ल्ले से चल रहे थे।

निरीक्षण के दौरान मिली गड़बड़ियों का विवरण:

संस्थान का नाम

स्थिति/कार्रवाई

मुख्य गड़बड़ी

गायत्री डिजिटल एक्सरे

बंद मिला

संचालक मौके से फरार।

आस्था पैथोलॉजी

कागजात की मांग

संचालक को सीएचसी में दस्तावेज जमा करने का निर्देश।

न्यू रंजन डिजिटल एक्सरे

अवैध संचालन

संचालक संदीप कुमार कोई कागजात नहीं दिखा सके।

मां उषा अल्ट्रासाउंड

अवैध संचालन

संचालक संदीप कुमार के पास रजिस्ट्रेशन नहीं मिला।

मां तारा क्लीनिक व एक्सरे

अवैध संचालन

संचालक प्रमोद पोद्दार के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था।

ओम क्लीनिक

बंद मिला

टीम के पहुँचने से पहले ताला लगाकर फरार।

अंदर से बंद मिला ‘सिटी डायग्नोसिस’, अवैध दवा बिक्री का भी आरोप

​जांच के दौरान सिटी डायग्नोसिस अल्ट्रासाउंड सेंटर की स्थिति सबसे संदिग्ध पाई गई। टीम जब वहां पहुँची, तो सेंटर को अंदर से बंद कर लिया गया था।

  • अवैध प्रैक्टिस: स्थानीय इनपुट के अनुसार, इस सेंटर के संचालक मनीष कुमार न केवल जांच करते हैं, बल्कि बिना किसी विभागीय अनुमति या मेडिकल लाइसेंस के मरीजों को दवाएं भी देते हैं। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

प्रशासनिक एक्शन: डीएम और सिविल सर्जन लेंगे फैसला

​सीएचसी प्रभारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि रविवार को की गई इस सघन जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।

​”जांच के दौरान पाए गए अवैध केंद्रों और उन संचालकों की सूची, जो कागजात दिखाने में विफल रहे या भाग गए, भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) और सिविल सर्जन को भेजी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटरों को सील करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।” — डॉ. विनोद कुमार, प्रभारी, सीएचसी नारायणपुर

द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: नारायणपुर में जिस तरह से बिना डिग्री और लाइसेंस के क्लीनिक और जांच घर चल रहे हैं, वह सीधे तौर पर आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन की इस सख्ती से ग्रामीण इलाकों के ‘झोलाछाप’ डॉक्टरों और अवैध लैब मालिकों में हड़कंप है।

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