​नारायणपुर: गांजे के धुएं में सुलगा खूनी संघर्ष; दो पक्षों के बीच अंधाधुंध गोलीबारी में महिला समेत दो घायल, गांव में तनाव

नारायणपुर/भागलपुर | 26 फरवरी, 2026 भागलपुर जिले के नारायणपुर गांव में बुधवार की रात नशे के मामूली विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। गांजा और सिगरेट पीने के विरोध को लेकर दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प और गोलीबारी में एक महिला समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

विवाद की शुरुआत: मामूली कहासुनी और फिर गोलियां

​वारदात बुधवार की रात करीब 10:00 बजे की है।

  • नशे पर विवाद: घटना के पीछे की वजह गांजा पीने को लेकर हुई कहासुनी बताई जा रही है। रंजीत यादव के नाबालिग भाई और तपेश यादव के बीच नशे के सेवन को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
  • लाठी-डंडे से हमला: विवाद इतना बढ़ा कि रंजीत यादव अपने साथियों के साथ लाठी-डंडा लेकर तपेश यादव के घर पर धावा बोलने पहुँच गया।
  • क्रॉस फायरिंग: देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से असलहे निकल आए और गोलियां चलने लगीं। मध्य विद्यालय से करीब 100 मीटर की दूरी पर हुई इस गोलीबारी से पूरा इलाका दहल उठा।

घायलों की स्थिति: मायागंज अस्पताल में भर्ती

​गोलीबारी की इस घटना में दो लोगों को गोलियां लगी हैं, जिन्हें आनन-फानन में मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है:

  1. प्रीति देवी: शुभल यादव की पत्नी प्रीति देवी के पेट में गोली लगी है। उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
  2. रंजीत यादव: महेंद्र यादव के पुत्र रंजीत यादव के हाथ में गोली लगी है।

पुलिसिया कार्रवाई: 5 लोगों पर नामजद केस

​सूचना मिलते ही भवानीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो चुके थे।

  • पुरानी रंजिश: पुलिस के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से भी विवाद चला आ रहा है, जिसने बुधवार को उग्र रूप ले लिया।
  • प्राथमिकी दर्ज: घायल रंजीत यादव के बयान के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
  • छापेमारी: थानाध्यक्ष शंभु कुमार ने बताया कि पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

VOB का नजरिया: कानून का खौफ जरूरी

​नारायणपुर की यह घटना दर्शाती है कि समाज में असहिष्णुता किस कदर बढ़ गई है। गांजा पीने जैसे छोटे विवाद पर सरेआम गोलियां चलना न केवल पुलिस प्रशासन को चुनौती है, बल्कि स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान है। जरूरत इस बात की है कि पुलिस केवल केस दर्ज न करे, बल्कि अवैध हथियारों की धरपकड़ कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर रोक लगाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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