पटना, 13 अगस्त।नालंदा जिला निबंधन कार्यालय के तत्कालीन निम्नवर्गीय लिपिक जितेंद्र कुमार सिन्हा को रिश्वत लेने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
निगरानी ब्यूरो ने 21 जुलाई 2017 को उन्हें ₹15,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। यह राशि पटना के गर्दनीबाग निवासी राकेश कुमार से जमीन रजिस्ट्री के एवज में ली गई थी। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सिन्हा को उसी दिन निलंबित किया गया। बाद में जमानत पर रिहा होने के बाद भी आपराधिक मामले लंबित रहने के कारण वे दोबारा निलंबन की स्थिति में रहे।
विभागीय जांच में यह साबित हुआ कि सिन्हा ने रिश्वत की राशि गिनकर तत्कालीन जिला अवर निबंधक नीरज कुमार को सौंपी थी। जांच में नीरज कुमार के खिलाफ आरोप सही पाए जाने पर उन्हें पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
आबकारी आयुक्त सह महानिरीक्षक निबंधन रजनीश कुमार सिंह ने कहा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”


