
राजगीर/पटना, 17 मई 2026। बिहार की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सनातनी सांस्कृतिक विरासत के मुख्य केंद्र नालंदा जिले के राजगीर में विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक मलमास मेला 2026 का विधिवत और भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को राजगीर पहुंचकर इस ऐतिहासिक धार्मिक समागम का आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया। इस पावन अवसर पर संपूर्ण राजगीर प्रक्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और धार्मिक जयकारों से पूरी तरह गुंजायमान हो उठा। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मकुंड परिसर में जाकर पूरी विधिक और पारंपरिक व्यवस्था के तहत विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की और इसके उपरांत आयोजित महाआरती कार्यक्रम में भाग लेकर राज्य की सुख, समृद्धि और जन-कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने मेला क्षेत्र के मुख्य केंद्र यानी यज्ञशाला के समीप देश के प्रबुद्ध संतों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच पारंपरिक ध्वजारोहण किया। इस महत्वपूर्ण विधिक और आध्यात्मिक क्षण के दौरान देश के जाने-माने संत जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी बासुदेवाचार्य भास्कर मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनके सानिध्य में मेले के धार्मिक अनुष्ठानों की कड़ियाँ शुरू की गईं।
33 करोड़ देवी-देवताओं के निवास स्थल पर देश भर से जुटेंगे श्रद्धालु
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए और प्रशासनिक अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मलमास मेले के गहरे पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्मग्रंथों और सनातनी मान्यताओं के अनुसार, मलमास (अधिमास) की इस विशिष्ट एक महीने की अवधि के दौरान पूरे ब्रह्मांड के सभी 33 करोड़ हिंदू देवी-देवता अन्य सभी स्थानों को छोड़कर राजगीर के इस पावन तपोवन प्रक्षेत्र में विधिक रूप से निवास करते हैं। इसी अटूट धार्मिक विश्वास और अगाध श्रद्धा के कारण देश के कोने-कोने से लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत, कल्पवासी और तीर्थयात्री यहां पवित्र स्नान और पूजा-पाठ के लिए आते हैं।
मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में अधिकारियों को हिदायत दी कि राजगीर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, गरिमा और उनकी व्यावहारिक सुविधाओं का पूरी तरह से ख्याल रखना राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन का सबसे मुख्य विधिक दायित्व है। पूरे देश से जो भी तीर्थयात्री इस पावन धरती पर आएं, वे यहां की प्रशासनिक व्यवस्थाओं और बिहार के आतिथ्य भाव की एक बेहद सुखद और अच्छी यादें अपने दिलों में संजोकर वापस लौटें। हम सभी का यह सामूहिक कर्तव्य है कि इस एक महीने के दौरान किसी भी श्रद्धालु को न्यूनतम स्तर पर भी कोई असुविधा न हो और वे पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में अपनी पूजा-अर्चना और अनुष्ठान संपन्न कर सकें।
भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य शिविर और असामाजिक तत्वों पर कड़ी विधिक निगरानी
मेले की औपचारिक शुरुआत करने के उपरांत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आयोजन स्थल का विस्तृत भौतिक निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं के लिए जमीनी स्तर पर की गई बुनियादी व्यवस्थाओं की गहन प्रशासनिक समीक्षा की। उन्होंने नालंदा के जिला समाहर्ता और पुलिस अधीक्षक से भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट), सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चौबीसों घंटे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, तीर्थयात्रियों के अस्थाई आवासन (टेंट सिटी), खान-पान की शुद्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी तमाम प्रशासनिक तैयारियों का एक-एक कर ब्योरा लिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रह्मकुंड के समीप ‘नव नालंदा सेवा भारती नालंदा’ द्वारा संचालित किए जाने वाले एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का फीता काटकर विधिक उद्घाटन किया। शिविर के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से बातचीत करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि वे पूरी संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ बीमार या थके हुए श्रद्धालुओं की चिकित्सा मदद करें और भीषण गर्मी व उमस को देखते हुए दवाओं व ओआरएस काउंटर की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित रखें। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को हुक्म दिया कि मेले के दौरान जहां आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखना है, वहीं भीड़ की आड़ में सक्रिय होने वाले जेबकतरों, ठगों और अन्य असामाजिक तत्वों पर सादे लिबास में पुलिस बल प्रतिनियुक्त कर कड़ी इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक निगरानी रखी जाए। आवागमन के रास्तों पर गाड़ियों के परिचालन और पार्किंग की विधा को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाए कि कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
आधिकारिक पंडा समिति और जिला प्रशासन द्वारा भव्य नागरिक स्वागत
राजगीर की ऐतिहासिक धरती पर आगमन के दौरान मुख्यमंत्री का स्थानीय स्तर पर भव्य और पारंपरिक स्वागत किया गया। ब्रह्मकुंड परिसर के मुख्य विलेखों के तहत ‘राजगीर तपोवन तीर्थ रक्षार्थ पंडा समिति’ के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रबुद्ध आचार्यों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पवित्र प्रतीक चिन्ह, अंग वस्त्र और वैदिक स्मृति पत्र भेंटकर उनका विधिक अभिनंदन किया। इसके समानांतर, नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने भी जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को एक विशिष्ट स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका आधिकारिक स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित पंडा समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे प्रशासन के साथ मिलकर देश भर से आने वाले यजमानों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुगम बनाने में अपनी विधिक और सामाजिक भूमिका का पूरी कड़ाई से निर्वहन करेंगे।
स्टेट गेस्ट हाउस में आवासन और ‘दीदी की रसोई’ के सस्ते भोजन का उद्घाटन
दूर-दराज के राज्यों से आने वाले निर्धन और मध्यमवर्गीय तीर्थयात्रियों के ठहरने और भोजन की व्यावहारिक समस्याओं का स्थायी समाधान करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर के स्टेट गेस्ट हाउस परिसर का रुख किया। वहां उन्होंने आम श्रद्धालुओं के सुरक्षित रात्रि विश्राम के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए आधुनिक और सुसज्जित आवासन स्थल (अस्थाई निवास विन्यास) का फीता काटकर विधिक रूप से उद्घाटन किया। इस आवासन स्थल के पूरी तरह चालू हो जाने से हजारों यात्रियों को खुले आसमान के नीचे सोने से मुक्ति मिलेगी।
इसके साथ ही, इस विश्राम परिसर के ठीक समीप श्रद्धालुओं को अत्यंत कम और रियायती दरों पर पूरी तरह से शुद्ध, सात्विक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ‘दीदी की रसोई’ (जीविका दीदियों द्वारा संचालित कैंटीन) का भी फीता काटकर औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने इस रसोई के भीतर जाकर भोजन पकाने के बर्तनों, राशन की गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक मेलों में इस प्रकार की प्रणालियों से एक तरफ जहां गरीब यात्रियों को शुद्ध और सस्ता भोजन विधिक रूप से नसीब होता है, वहीं दूसरी तरफ हमारी ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और रोजगार के विभावों को भी एक नया संबल प्राप्त होता है।
प्रशासनिक एवं राजनीतिक सहभागिता: समीक्षा बैठक में उपस्थित गणमान्य नागरिकों की विवरणी
मलमास मेला 2026 के इस ऐतिहासिक उद्घाटन और ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान राज्य कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री, प्रमंडल के शीर्ष नौकरशाह, पुलिस अधिकारी और विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि विधिक रूप से मौजूद रहे, जिनकी प्रशासनिक और राजनीतिक विवरणी नीचे दी गई तालिका के माध्यम से Scannable रूप में देखी जा सकती है:
श्रेणी | उपस्थित मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों के नाम | उपस्थित शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के नाम व पदनाम |
|---|---|---|
कैबिनेट मंत्री व सांसद | उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, सांसद कौशलेंद्र कुमार | मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ० गोपाल सिंह |
विधायक गण | सुनील कुमार, कौशल किशोर, जितेंद्र कुमार, कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया | पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा |
पूर्व जनप्रतिनिधि | पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील, पूर्व विधान पार्षद राजू राय | नालंदा के जिलाधिकारी (डीएम) कुंदन कुमार, नालंदा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संकेत कुमार |


